Nawada News : नवादा शहर के न्यू एरिया निवासी मेजर अंशुमन रंजन को उनकी वीरता और अदम्य साहस के लिए प्रतिष्ठित सेना मेडल से सम्मानित किया जाएगा. फरवरी 2026 में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए मेजर अंशुमन रंजन ने साहस और रणनीतिक सूझबूझ का परिचय देते हुए लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को मार गिराया था. इसी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए उन्हें सेना मेडल के लिए चुना गया है.
सेना मेडल के लिए चयन से परिवार में खुशी
मेजर अंशुमन रंजन के सेना मेडल के लिए चयन की जानकारी मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है. उनके दादा बृजनंदन प्रसाद, पिता प्रिय रंजन प्रसाद सिंह और मां कुमारी अर्चना सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने इसे गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार के साथ-साथ नवादा जिले के लिए भी गौरव की बात है कि नवादा का बेटा देश के दुश्मनों से लोहा लेते हुए वीरता का परिचय दे रहा है.
41 पारा स्पेशल फोर्स में तैनात हैं मेजर अंशुमन
मेजर अंशुमन रंजन 41 पारा स्पेशल फोर्स में कार्यरत हैं. उधमपुर जैसे संवेदनशील इलाके में तैनात मेजर अंशुमन रंजन ने प्रभात खबर से विशेष बातचीत में कहा कि वह देश की सुरक्षा में पूरी मुस्तैदी के साथ डटे हैं. उन्होंने कहा कि सेना मेडल मिलना उनके लिए गर्व की बात है, लेकिन इस सम्मान में पूरी बटालियन की मेहनत शामिल है.
कारगिल क्षेत्र में भी जवान पूरी तरह मुस्तैद
मेजर अंशुमन रंजन ने कहा कि कारगिल क्षेत्र में तैनात जवान पूरी तरह मुस्तैद हैं और देश की सुरक्षा के लिए अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं. उन्होंने सेना के सामूहिक प्रयास और टीमवर्क को अपनी सफलता का अहम हिस्सा बताया.
14 अगस्त को हुई सेना मेडल की घोषणा
जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त को सेना मेडल के लिए मेजर अंशुमन रंजन के नाम की घोषणा की गई है. अब जल्द ही राष्ट्रपति की ओर से उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा. उनके चयन से नवादा में भी लोगों के बीच गर्व और खुशी का माहौल है.
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