Nawada Jail Raksha Bandhan : रक्षाबंधन के मौके पर नवादा मंडल कारा में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर सामने आई. जेल की सलाखों के बीच करीब 600 बंदी भाइयों से उनकी बहनों और महिला परिजनों ने मुलाकात की और उनकी कलाई पर राखी बांधी. बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई और बेहतर भविष्य की कामना की. इस दौरान कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े. साथ ही भाइयों से अपराध और गलत गतिविधियों से दूर रहने का संकल्प भी लिया गया.
रक्षाबंधन पर जेल परिसर में दिखा भाई-बहन का भावुक मिलन
भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को नवादा जिले में उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर नवादा मंडल कारा में भी विशेष व्यवस्था की गयी थी. जेल प्रशासन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 600 बंदी भाइयों से उनकी बहनों एवं महिला परिजनों ने मुलाकात की और उनकी कलाई पर राखी बांधी.
सुबह से ही जेल पहुंचने लगीं बहनें
रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही बंदियों के परिजन नवादा मंडल कारा पहुंचने लगे थे. लंबे समय बाद भाइयों से मिलने पहुंचीं कई बहनों के लिए यह मुलाकात भावुक कर देने वाली रही. राखी बांधते समय कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्होंने भाइयों को बीती गलतियों से सीख लेकर आगे का जीवन बेहतर तरीके से जीने की बात कही.
मिठाई खिलाकर भाइयों के उज्ज्वल भविष्य की कामना
राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं बेहतर भविष्य की कामना की. जेल परिसर में परिवार से मिलने का यह अवसर बंदियों के लिए भी खास रहा. भाई-बहन के इस मिलन ने रिश्तों की भावनात्मक ताकत को सामने रखा.
बहनों ने भाइयों से लिया गलत रास्ता छोड़ने का वचन
राखी बांधते समय कई बहनों ने अपने भाइयों से अपराध और गलत गतिविधियों से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि परिवार अपने भाई को बेहतर इंसान के रूप में देखना चाहता है. बहनों ने भाइयों को नयी शुरुआत करने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया.
भाइयों ने भी दिया बेहतर जिंदगी का भरोसा
बहनों की बातों का भाइयों पर भी भावनात्मक असर दिखा. उन्होंने बहनों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में गलत कार्यों से दूर रहने का प्रयास करेंगे. साथ ही सम्मान के साथ नयी जिंदगी शुरू करने की बात कही. इस तरह रक्षाबंधन का पर्व जेल परिसर में सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुधार और सकारात्मक बदलाव का संदेश भी देता नजर आया.
600 बंदियों की कलाई पर सजा रिश्ते का धागा
जेल प्रशासन की ओर से रक्षाबंधन को लेकर विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गयी थी. करीब 600 बंदियों की बहनों और महिला परिजनों ने उनसे मुलाकात कर राखी बांधी. जेल परिसर में कहीं भाई की कलाई पर राखी बांधती बहनें नजर आयीं तो कहीं परिवार के सदस्यों के बीच भावुक बातचीत होती रही.
जेल प्रशासन ने सुरक्षा के बीच करायी मुलाकात
जेल अधिकारी दिनेश सिंह मेहरा ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर बंदियों को उनकी बहनों से राखी बंधवाने के लिए विशेष व्यवस्था की गयी थी. सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए परिजनों को प्रवेश दिया गया. उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर बंदियों में परिवार और समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करते हैं.
परिवार का स्नेह सुधार की राह दिखाता है
जेल अधिकारी के अनुसार, परिवार का स्नेह बंदियों को अपनी गलतियों पर विचार करने और बेहतर जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है. रक्षाबंधन जैसे अवसर उन्हें यह एहसास कराते हैं कि परिवार आज भी उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है. इस आयोजन में भाई-बहन के रिश्ते के साथ सुधार और पुनर्वास का संदेश भी दिखाई दिया.
रक्षाबंधन पर स्टेशनों और ट्रेनों में भी बढ़ी भीड़
इधर, रक्षाबंधन के कारण नवादा और आसपास के रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ी रही. घर लौटने और पर्व मनाकर वापस जाने वाले लोगों की वजह से कई ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ नजर आयी. सामान्य और स्लीपर कोचों में कई यात्री सीट नहीं मिलने के कारण खड़े होकर सफर करते दिखे.
परेशानी के बावजूद घर पहुंचने की रही चाह
ट्रेनों के दरवाजों और कोच के अंदर यात्रियों की भीड़ के बीच लोग रक्षाबंधन की खुशियों के लिए अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करते रहे. यात्रा में परेशानी के बावजूद भाई-बहनों से मिलने और पर्व मनाने की उत्सुकता यात्रियों के चेहरे पर साफ नजर आयी.
