Nawada News : नवादा में नवोत्साह साहित्य संगम जिला इकाई की ओर से कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर विशेष साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रेमचंद के जीवन, व्यक्तित्व और हिंदी साहित्य में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से चर्चा की.
महापुरुषों और साहित्यकारों को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास
प्रांतीय अध्यक्ष उत्पल भारद्वाज ने कहा कि नवोत्साह साहित्य संगम का उद्देश्य महापुरुषों और साहित्यकारों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर नई पीढ़ी को उनके जीवन, विचारों और साहित्यिक योगदान से परिचित कराना है. उन्होंने प्रेमचंद की जीवनी और उनकी रचनाओं की सामाजिक प्रासंगिकता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला.
प्रेमचंद को बताया आंचलिक कहानियों का प्रणेता
संस्था के जिलाध्यक्ष नितेश कपूर ने प्रेमचंद को आंचलिक कहानियों का प्रणेता बताते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं और संस्मरणों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जिला इकाई लगातार ऐसे महान साहित्यकारों की विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए छोटे-बड़े साहित्यिक आयोजन करती रहती है, ताकि वर्तमान पीढ़ी भी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके.
साहित्यकारों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में महामंत्री कवि दयानंद प्रसाद गुप्ता, सचिव गौतम कुमार सरगम, द्वारिका प्रसाद, श्याम सुंदर और रंजन कुमार सहित अन्य साहित्यकारों ने भी मुंशी प्रेमचंद की साहित्यिक यात्रा, उनकी रचनाओं और समाज पर उनके प्रभाव को लेकर अपने विचार व्यक्त किए. वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्य को आज भी सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का सशक्त दस्तावेज बताया.
