रजौली से अपहृत नाबालिग मुंबई से बरामद, शादी का झांसा देकर ले गया था युवक, आरोपी गिरफ्तार

रजौली पुलिस ने शादी का झांसा देकर मुंबई ले जाई गई नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया है. आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

Minor Girl Marriage pretext kidnapping : नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग युवती को पुलिस ने मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने एक युवक को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है. पुलिस की यह कार्रवाई महज तीन दिनों के भीतर पूरी की गई, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है.

जानकारी के अनुसार मामले प्रेम प्रसंग से जुड़ा है. नाबालिग युवती को जमुई जिले के एक युवक से प्रेम था. युवक कुछ समय से रजौली में रह रहा था. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. युवक पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर युवती को बहला-फुसलाकर बिहार से बाहर ले गया.

नाबालिग के गायब होने के बाद परिजनों ने तलाशा

युवती के अचानक घर से गायब होने के बाद परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने रजौली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी. थानाध्यक्ष रणजीत कुमार के निर्देशन में एसआई स्नेहा कुमारी द्वारा की गई.

तीन दिन में मुंबई पहुंची पुलिस टीम

एफआईआर दर्ज होते ही रजौली थाना की पुलिस तकनीकी जांच में जुट गई. मोबाइल लोकेशन के आधार पर युवती के मुंबई में होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस टीम तुरंत मुंबई के लिए रवाना हुई.

करीब तीन दिनों की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने शुक्रवार को मुंबई से नाबालिग युवती को सकुशल बरामद कर लिया. इस दौरान आरोपी युवक को भी हिरासत में लिया गया और दोनों को लेकर टीम वापस रजौली पहुंची.

कोर्ट में दर्ज हुआ बयान, आरोपी जेल भेजा गया

शनिवार को नाबालिग युवती का बयान न्यायालय में दर्ज कराया गया. प्रभारी थानाध्यक्ष एसआई अजय कुमार ने बताया कि युवती के बयान के आधार पर हिरासत में लिए गए युवक संतोष कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. आरोपी युवक जमुई जिले के निवासी जगदीश चौधरी का पुत्र बताया जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है और सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है.

समाज के लिए चेतावनी, अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत

यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि किस तरह झूठे वादे और सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा है. ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए. साथ ही उन्हें ऑनलाइन दुनिया के खतरों के बारे में भी जागरूक करना जरूरी है.

पुलिस की तत्परता की सराहना

इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सराहना की है. लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ी घटना टल गई.

पुलिस ने भी आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई बच्चा अचानक लापता हो जाए तो तुरंत थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर उसे सुरक्षित बरामद किया जा सके.


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By Kr manish dev

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