Nawada News : पवित्र सावन माह की शुरुआत के साथ ही नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड में भगवान शिव की भक्ति का माहौल है. चारों ओर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारे गूंज रहे हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन के निर्देशों के बावजूद मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम मांस और मछली की बिक्री जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं.
मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के दौरान सुबह से ही शिवालयों में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में लोग निकलते हैं. इस दौरान मुख्य मार्गों पर खुले में मांस-मछली की बिक्री होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि खुले में मांस काटने और आसपास फैली गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है.
धार्मिक स्थलों के आसपास बिक्री रोकने की उठी मांग
विभिन्न हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सावन माह की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए मुख्य मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास खुलेआम मांस-मछली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए. उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान होगा और सार्वजनिक स्वच्छता भी बनी रहेगी.
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है. उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
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