Nawada News: एक रात की मूसलाधार बारिश ने रजौली नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित महसई मोहल्ले की स्थिति बिगाड़ दी. सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद दर्जनों घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सड़कें कीचड़ से भर गईं और मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया.
दर्जनों घरों में घुसा पानी, सामान हुआ खराब
स्थानीय निवासी शबनम खातून, मुजाहिर आलम, मजीद मियां, मुन्ना मियां, मुस्तकीन मियां, रोजन अंसारी, जफीर आलम और इकराम मुन्ना ने बताया कि पहले से जलजमाव की समस्या थी. बारिश तेज होने के बाद पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया. इससे अनाज, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान भीग गए.
सांप-बिच्छू निकलने से बढ़ी दहशत
स्थानीय निवासी मो. रियाजुल ने बताया कि सोमवार देर रात उनके घर में तीन सांप निकल आए, जिन्हें मारना पड़ा. उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और पूरा परिवार भय के माहौल में रह रहा है.
अतिक्रमण से बाधित हुई जल निकासी
स्थानीय लोगों के अनुसार आहर और नाली की जमीन पर अतिक्रमण होने के कारण जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है. संगत के पीछे स्थित महसई मोहल्ले में नाली और गली नहीं होने से मनौअर आलम, आजाद आलम, नासिर आलम, मेहनाज मियां, नबीशा खातून, शमीना खातून सहित कई परिवारों को कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है.
लोगों का कहना है कि नाली नहीं होने के कारण कई परिवार घर के पास खाली जमीन में पानी छोड़ने को मजबूर हैं. इसी कीचड़ में फिसलकर मो. हाशिम की पत्नी का पैर भी टूट गया. वार्ड के लोगों ने स्थायी नाली और गली निर्माण की मांग की है.
मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने किया निरीक्षण
सूचना मिलने पर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मो. इरफान आलम ने बताया कि पहले आहर और नाली कुछ लोगों की निजी जमीन में थी, जिसे भरकर मकान बना लिए गए.
जमीन की पैमाइश और जेसीबी से पानी निकासी की तैयारी
मुख्य पार्षद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन और अंचलाधिकारी से जमीन की पैमाइश कराने की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि पैमाइश के बाद अतिक्रमण की पहचान होगी. फिलहाल जेसीबी की मदद से जमा पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके.
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा और स्थायी नाली-गली का निर्माण नहीं होगा, तब तक हर मानसून में महसई मोहल्ले के लोगों को जलजमाव, कीचड़ और जहरीले जीवों के खतरे के बीच रहने को मजबूर होना पड़ेगा.
