नवादा मगही मगध नागरिक संघ की ओर से मगही भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए चलायी जा रही मुहिम अब आगे बढ़ती दिख रही है. संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस कुमार सिंह ने इस पर खुशी जतायी है. उन्होंने कहा कि चरणबद्ध आंदोलन और सही जगह पर अपनी बात रखने से सफलता जरूर मिलती है.
राजभवन में सौंपा गया था पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन
संघ की ओर से राजभवन जाकर राज्यपाल के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह को मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने से संबंधित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था. संघ के अनुसार, राज्यपाल ने इस पर संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के गृह मंत्री को अनुशंसा पत्र भेजा है.
गृह मंत्रालय से उचित कार्रवाई की उम्मीद
गृह मंत्री को अनुशंसा पत्र भेजे जाने की सूचना के बाद मगही संघ के सदस्यों ने उम्मीद जतायी कि भारत सरकार भी इस मामले पर संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई करेगी. सदस्यों ने कहा कि मगही भाषा करोड़ों मगही भाषियों के स्वाभिमान से जुड़ी है. इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर उचित सम्मान दिया जाना चाहिए.
संवैधानिक दर्जा मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात
पारस कुमार सिंह ने कहा कि मातृभाषा के सम्मान के लिए वे लोग जो भी करना पड़ेगा, करेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक मगही भाषा को संवैधानिक दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने इसे लंबी लड़ाई बताते हुए कहा कि एक दिन कामयाबी जरूर मिलेगी.
संघ के सदस्यों ने जतायी खुशी
गृह मंत्रालय को पत्र भेजे जाने की सूचना के बाद संघ के उदय शर्मा, विजय सिंह, सतनारायण शर्मा, केदारनाथ सिंह, बिजेंद्र सिंह, रामावतार राम, राजकुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह, संकेत शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, अर्जुन वर्मा, मनोज शर्मा, विक्रम सिंह, गौतम कुमार सरगम, नितेश कपूर, रविंद्र सिंह, डॉ. भगवत प्रसाद, मनोज कुमार मुखिया, अशोक समदर्शी, रवि गुप्ता, उमेश प्रसाद, राजेश शर्मा, शम्भू शर्मा आदि सदस्यों ने खुशी जतायी.
