Nawada News : प्रणय हत्याकांड के बाद से तनावपूर्ण चल रहे हिसुआ में रविवार को प्रस्तावित बतायी जा रही ‘स्वर्ण महासंग्राम सभा’ को लेकर पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट मोड में है. सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से 13 सितंबर को हिसुआ में बड़ी सभा होने की सूचना प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं. हिसुआ क्षेत्र में धारा 163 लागू रहने के बीच संभावित बड़े जमावड़े की सूचना ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. स्थिति को देखते हुए शहर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है. वहीं, हिसुआ की ओर आने वाले वाहनों और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है.
होटल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी निगरानी
संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस की निगरानी केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं है. होटल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर भी बाहर से आने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी की गयी है. पुलिस का उद्देश्य संभावित भीड़ की गतिविधियों को समय रहते चिन्हित करना और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकना है.
हिसुआ पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस की तैनाती बढ़ायी गयी है. आवश्यकता के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारे जाने की व्यवस्था की जा रही है. सोशल मीडिया पर जारी स्थानीय अपडेट में 13 सितंबर को हिसुआ आने वाले लोगों और वाहनों के लिए नये और वैकल्पिक रूट का उल्लेख भी किया गया है.
‘स्वर्ण महासंग्राम’ को लेकर दीपू राणा ने जतायी अनभिज्ञता
‘स्वर्ण महासंग्राम’ को लेकर चल रही चर्चा के बीच दीपू राणा का नाम भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. हालांकि, दीपू राणा ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार के किसी आयोजन की जानकारी अथवा अपनी संलिप्तता से अनभिज्ञता जताते हुए इससे इंकार किया है. ऐसे में सभा वास्तव में किसके आह्वान पर प्रस्तावित है और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है.
इसी वजह से पुलिस-प्रशासन सोशल मीडिया पर चल रहे संदेशों और संभावित भीड़ जुटाने से जुड़ी सूचनाओं को गंभीरता से ले रहा है. हालांकि, किसी सोशल मीडिया पोस्ट या अपुष्ट सूचना को वास्तविक आयोजन का प्रमाण मानने से पहले आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी.
पियुष हत्याकांड के बाद पहले से गरम है माहौल
दरअसल, हिसुआ में पियुष हत्याकांड के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की गतिविधियों को लेकर माहौल लगातार संवेदनशील बना हुआ है. कैंडल मार्च, सभा और बयानबाजी के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ायी है. प्रशासन की ओर से एहतियाती तौर पर धारा 163 लागू की गयी है.
ऐसे समय में यदि बड़ी संख्या में लोग किसी कार्यक्रम के लिए हिसुआ पहुंचते हैं तो प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है. इसी को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शुरू कर दिया है.
फ्लैग मार्च से साफ, पुलिस नहीं लेना चाहती कोई जोखिम
हिसुआ की सड़कों पर पुलिस का फ्लैग मार्च और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ी निगरानी साफ संकेत दे रही है कि प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहता. पुलिस की कोशिश है कि अफवाह, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश या भीड़ के रूप में अचानक होने वाली लामबंदी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास नहीं करें और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें. किसी भी कार्यक्रम या सभा के संबंध में आधिकारिक अनुमति और प्रशासनिक निर्देशों की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है.
फिलहाल हिसुआ पुलिस की नजर शहर में प्रवेश करने वाले रास्तों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक है. संभावित ‘स्वर्ण महासंग्राम सभा’ को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही सूचनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि 13 सितंबर को वास्तव में कोई बड़ा जमावड़ा होता है या यह महज सोशल मीडिया पर फैली सूचना साबित होती है. प्रशासन की सतर्कता से इतना स्पष्ट है कि पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में है.
