खन्दुआ-गोपालपुर सड़क से भारी वाहनों के परिचालन पर हाईकोर्ट सख्त, मंडलीय आयुक्त को जांच का निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने खन्दुआ खनन क्षेत्र से गोपालपुर गांव की सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है. मंडलीय आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को मामले की स्वतंत्र जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

खन्दुआ खनन क्षेत्र से गोपालपुर गांव की सड़क होकर पत्थर चिप्स लदे भारी वाहनों के लगातार परिचालन के मामले में पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह एवं न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को मंडलीय आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया के समक्ष विस्तृत अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया है. साथ ही सक्षम खनन प्राधिकारी को मामले की स्वतंत्र जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है.

कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को सीडब्ल्यूजेसी संख्या 12198/2026 की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया. गोपालपुर निवासी निरंजन कुमार उर्फ पंकज सिंह एवं मनोज कुमार ने जनहित याचिका दायर कर गांव की सड़क से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने तथा निर्धारित रूट चार्ट का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की थी.

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि खन्दुआ क्षेत्र से पत्थर चिप्स लेकर 14 से 24 पहियों तक के भारी वाहन गांव की सड़क से गुजर रहे हैं. इससे सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ ग्रामीणों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो रहा है. भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल और लगातार आवागमन से जलस्रोत, तालाब, फसल एवं आम के बागों को नुकसान पहुंचने का भी आरोप लगाया गया.

याचिका में वर्ष 2015 की सीडब्ल्यूजेसी संख्या 3726 में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि खनन गतिविधियों की अनुमति की स्थिति में पत्थर चिप्स ढोने वाले वाहनों के लिए निर्धारित रूट चार्ट का पालन सुनिश्चित किया जाना था. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता 2 दिसंबर 2015 के आदेश समेत सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ मंडलीय आयुक्त के समक्ष अपना विस्तृत पक्ष रखें. मंडलीय आयुक्त सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद कानून के अनुरूप स्पष्ट एवं तर्कसंगत आदेश पारित करेंगे.

खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में यदि पत्थर चिप्स का परिवहन निर्धारित नियमों, रूट चार्ट, खनन पट्टे की शर्तों अथवा पूर्व न्यायालय के आदेश के विपरीत पाया जाता है तो मंडलीय आयुक्त एवं सक्षम खनन प्राधिकारी आवश्यक निर्देश जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे. इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने रिट याचिका का निपटारा कर दिया तथा आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को भेजने का निर्देश दिया.


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By बब्लू कुूमार

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