धान की अच्छी फसल और पर्याप्त बारिश की कामना को लेकर अखंड पूजा का समापन, बारिश से ग्रामीणों में खुशी

Nawada News : मेसकौर के धनगांवा गांव में अखंड कीर्तन का हुआ समापन. अच्छी फसल और सुख-समृद्धि के लिए ग्रामीणों ने की प्रार्थना, पूजा के बाद हुई बारिश से सभी खुश.

Nawada News : मेसकौर प्रखंड के अंकरी पांडेय बीघा पंचायत अंतर्गत धनगावां गांव में धान की अच्छी फसल, गांव की सुख-समृद्धि एवं पर्याप्त वर्षा की कामना को लेकर चल रहे अखंड पूजा का विधिवत समापन समारोह संपन्न हुआ. धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए.

महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुईं. ग्रामीणों ने धान की अच्छी फसल, गांव की खुशहाली और किसानों की समृद्धि के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की.

पूजा समाप्त होते ही हुई बारिश, ग्रामीणों में खुशी

खास बात यह रही कि पूजा समाप्त होते ही बारिश हुई, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल बन गया. लोगों ने इसे शुभ संकेत बताते हुए ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त किया. ग्रामीणों ने कहा कि समय पर बारिश होने से धान की फसल को लाभ मिलने की उम्मीद है.

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उमेश मुंशी की देखरेख में हुई पूजा की व्यवस्था

पूजा कार्यक्रम की व्यवस्था एवं समापन समारोह उमेश मुंशी की देखरेख में संपन्न हुआ, जबकि प्रसाद वितरण कार्यक्रम संजय प्रसाद की देखरेख में सफलतापूर्वक कराया गया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे.

अखंड कीर्तन में गूंजे हरे रामा, हरे कृष्णा के जयघोष

दो दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन अखंड कीर्तन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘सीता राम’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान होता रहा. श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर कीर्तन में शामिल हुए.

हवन और आरती के बाद हुआ भंडारे का आयोजन

दिन के 12 बजे अखंड हरिकीर्तन का समापन किया गया. इसके बाद हवन और आरती का आयोजन हुआ. मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा. धार्मिक अनुष्ठान के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.

धार्मिक आयोजन से मजबूत हुआ आपसी भाईचारा

ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामुदायिक आयोजनों से गांव में आपसी भाईचारा, एकता और सकारात्मक वातावरण मजबूत होता है. सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन से ग्रामीणों में सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ता है.

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By विशाल कुमार

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