जमीन पर्चा-राशन को लेकर नवादा में धरना प्रदर्शन पर बैठे भाकपा माले, नौ सूत्री मांगों को लेकर सरकार पर निशाना

नवादा जिले में भाकपा माले ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया. जमीन पर्चा, राशन, आवास और अन्य मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई. स्थानीय अंचल अधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया.

CPI ML Protest at Sadar Block : नवादा जिले में भाकपा माले ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर सदर प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर अंचल अधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. धरना में शामिल लोगों ने कहा कि सरकार गरीबों और महादलितों के मुद्दों पर गंभीर नहीं है, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है.

धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की और जल्द समाधान की मांग की. नेताओं ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

CPI Protest : जमीन, मकान और राशन को लेकर उठी आवाज

धरना के दौरान जिन प्रमुख मांगों को उठाया गया, उनमें सरकार की जमीन पर वर्षों से बसे महादलित परिवारों को पर्चा देने की मांग सबसे अहम रही. इसके अलावा बसेरा योजना के तहत वासहीन परिवारों को 5 डिसमिल जमीन देने, सभी गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की गारंटी और नए पात्र परिवारों को बिना शर्त राशन कार्ड देने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई.

प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होल्डिंग टैक्स कानून को वापस लेने की भी मांग की. साथ ही पर्चा मिलने के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिलने की समस्या को उठाते हुए दखल देहानी योजना के तहत जमीन पर कब्जा दिलाने की गारंटी की बात कही गई. जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में जमीन के कागज की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी शामिल रही.

सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

धरना को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिलासचिव अजित कुमार मेहता ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी सरकारी जमीन पर रह रहे महादलित परिवारों को अब तक पर्चा नहीं दिया गया है, जो सरकार की उदासीनता को दिखाता है. उन्होंने कहा कि गरीबों के हक को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, इसलिए आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है.

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक माले का संघर्ष जारी रहेगा. जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

कई नेताओं ने किया संबोधित

धरना की अध्यक्षता सुदामा देवी ने की. इस मौके पर श्यामदेव विश्वकर्मा, सम्पतिया देवी, माले नेत्री शांति देवी, लालपड़ी देवी, अर्जुन पासवान और अंबिका मांझी समेत कई नेताओं ने अपनी बात रखी. सभी वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से गरीबों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग की.


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By Vishal kumar

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