Nawada News: जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यूरिया और डीएपी (DAP) उर्वरक की कथित कालाबाजारी और निर्धारित सरकारी दर से कहीं अधिक कीमतों पर बिक्री से किसान बेहाल हैं. नरहट, नारदीगंज, समाय, कादिरगंज, रोह, भट्टा तथा हिसुआ सहित जिले के कई इलाकों में खाद की किल्लत और ऊंची कीमतों से परेशान होकर सैकड़ों किसान जिला मुख्यालय स्थित नवादा बिस्कोमान केंद्र पर पहुंचने को विवश हैं. नवादा के बिस्कोमान भवन में खाद के लिए कतार में खड़े किसानों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए निजी विक्रेताओं पर गंभीर आरोप लगाए.
सरकारी दर को ठेंगा: यूरिया ₹400 और डीएपी ₹2300 से ₹2400 में बेचने का आरोप
बिस्कोमान केंद्र पर लाइन में लगे किसान जगदेव यादव, शंकर कुमार, प्रेम सिंह, आजाद यादव, संतोष कुमार, राजेंद्र प्रसाद, विनोद सिंह और विपिन सिंह समेत कई किसानों ने बताया:
- यूरिया की कीमत: सरकार द्वारा ₹266.50 प्रति बैग निर्धारित दर के मुकाबले गांवों में किसानों से ₹350 से ₹400 तक वसूले जा रहे हैं.
- डीएपी की कीमत: ₹1,350 प्रति बैग की तय सरकारी दर वाली डीएपी कथित रूप से ₹2,300 से ₹2,400 प्रति बैग तक बेची जा रही है.
- किसानों का आरोप है कि अधिक कीमत देने के बावजूद कई बार दुकानदार खाद उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर उन्हें खाली हाथ लौटा देते हैं.
नवादा बिस्कोमान केंद्र पर सुबह से शाम तक कतारें
गांवों में खाद न मिलने और निजी दुकानों पर मनमानी वसूली के चलते किसान सरकारी दर पर खाद पाने की उम्मीद में नवादा बिस्कोमान केंद्र पहुंच रहे हैं. केंद्र पर भी सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं. किसानों का कहना है कि सुबह से लाइन में खड़े रहने के बाद शाम तक भी कई बार खाद मिलना मुश्किल हो जाता है, जिससे खरीफ फसलों की खेती और रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है.
जांच टीम बनाने की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिले में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष जांच दल (फ्लाइंग स्क्वॉड) का गठन किया जाए ताकि सही कीमत पर खाद की पारदर्शी बिक्री सुनिश्चित हो सके और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो.
'कालाबाजारी की पुष्टि पर रद्द होंगे दुकानदारों के लाइसेंस': जिला कृषि पदाधिकारी
"खाद की कालाबाजारी और तय दर से अधिक कीमत वसूलने के मामले की जांच की जा रही है. खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है. यदि किसी भी विक्रेता द्वारा अधिक कीमत लेने या अवैध भंडारण की सूचना मिलती है, तो जांचोपरांत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी दुकानदारों का लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाएगा." — अजीत प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), नवादा
