नवादा में फर्जी पत्रकार बनकर ज्वेलर्स से 5100 रुपये की मांग, धमकी देकर ठगी का प्रयास नाकाम

डिजिटल युग में ठगी के नए तरीके सामने आ रहे हैं. रजौली बाजार में एक दुकानदार को फर्जी पत्रकार बनकर ठगने का प्रयास किया गया. जानें कैसे दुकानदार की सतर्कता से एक बड़ा fraud टल गया.

Nawada News: डिजिटल दौर में ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं. अब साइबर अपराधी प्रतिष्ठित पद और पेशे का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला रजौली बाजार में सामने आया है, जहां कनक ज्वेलर्स के संचालक कनक कुमार सेठ से फर्जी पत्रकार बनकर अवैध वसूली और ठगी का प्रयास किया गया. हालांकि, दुकानदार की सतर्कता के कारण ठग अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका.

न्यूज चैनल और पत्रकार संघ का अध्यक्ष बताकर किया फोन

कनक कुमार सेठ के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को ‘एक निजी चैनल ’ का पत्रकार और पत्रकार संघ का अध्यक्ष संतोष सिंह बताते हुए फोन किया. उसने बातचीत के दौरान दावा किया कि चैनल की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इसी नाम पर उसने सामाजिक कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देने की अपील की.

फोन के बाद उक्त व्यक्ति ने व्हाट्सएप नंबर से मैसेज भेजकर 5100 रुपये की मांग की और भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी भेज दिया.

पैसे भेजने का बनाया दबाव, धमकी तक पहुंची बात

व्हाट्सएप चैट के दौरान ठग लगातार पैसे भेजने का दबाव बनाता रहा. उसने कई बार "स्क्रीनशॉट प्लीज" और "भेजा जाए प्रभु" जैसे संदेश भेजकर तुरंत भुगतान करने को कहा. जब कनक कुमार सेठ ने उसकी पहचान और संस्था की प्रमाणिकता पर सवाल उठाया तो ठग ने धमकी भरे अंदाज में जवाब दिया.

ठग ने मैसेज में लिखा कि "आपका लगता है इलाज करना पड़ेगा, पत्रकारों को इतना घुमा रहे हैं आप." इस पर दुकानदार ने निडरता से जवाब दिया कि वह उसे पहचानते तक नहीं हैं, ऐसे में पैसे देने का सवाल ही नहीं उठता.

दुकानदार की सतर्कता से बची ठगी

इसके बाद ठग ने लगातार "पैसा भेजो पैसा" जैसे मैसेज भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन दुकानदार ने पैसे भेजने से साफ इनकार कर दिया. कनक कुमार सेठ ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बिना सत्यापन के कोई आर्थिक सहयोग नहीं किया जा सकता.

व्यापारियों को सतर्क रहने की अपील

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, क्यूआर कोड या आर्थिक सहयोग की मांग पर तुरंत भरोसा न करें. पहले संबंधित व्यक्ति और संस्था की पूरी जानकारी सत्यापित करें.

इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब मीडिया और समाज सेवा के नाम पर भी लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: बंटी यादव मर्डर केस: पीड़ित परिवार से मिले खेसारी लाल यादव, बोले- पुलिस असली तस्करों को नहीं पकड़ पाती


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Kr manish dev

Published by: Vivek Ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >