पुलिस और वन विभाग ने मशक्कत के बाद हाथी को झारखंड की ओर खदेड़ा
खौफ के साये में रात : मशाल और पटाखों के सहारे हाथी को सीमा पार खदेड़ा
प्रतिनिधि, गोविंदपुर
प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों की सक्रियता थमने का नाम नहीं ले रही है. मंगलवार की रात सरकंडा गांव के खिड़की नामक स्थान पर एक जंगली हाथी देखे जाने से पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण उसे भगाने के लिए मौके पर जुट गये. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी जानकारी गोविंदपुर थाना को दी.
संयुक्त प्रयास से टला संकट
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष विजय कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. हाथी की पुष्टि होने के बाद वन विभाग को सूचित किया गया. देर रात करीब 12 बजे वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची. इसके बाद पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से पटाखे छोड़कर व आग जलाकर हाथी को सुरक्षित तरीके से झारखंड के जंगलों की ओर खदेड़ा गया. थानाध्यक्ष ने बताया कि हाथी की संख्या एक थी और इस अभियान के दौरान किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है.
दहशत में जी रहे ग्रामीण
गोविंदपुर, विशुनपुर, माधोपुर एवं सरकंडा पंचायतों में पिछले कई दिनों से जंगली हाथियों की गतिविधियां जारी हैं. हालांकि, पहले की तुलना में हाथियों की संख्या कम हुई है, फिर भी ग्रामीणों में भय व्याप्त है. हाथियों का सबसे अधिक प्रकोप माधोपुर पंचायत में देखा गया है. ग्रामीणों के अनुसार, अब तक हाथियों के हमले में दो लोगों की जान जा चुकी है और एक मवेशी की भी मौत हुई है. इसके अलावा दर्जनों मकानों को क्षतिग्रस्त कर हाथियों ने अनाज बर्बाद कर दिया है.
मुआवजे का
आश्वासन
हाथियों के आतंक और जान-माल के नुकसान से नाराज ग्रामीण अब तक तीन बार सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. इधर, वन विभाग ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.