सखी वार्ता में महिलाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
जेंडर आधारित हिंसा, महिला उत्पीड़न और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया
जेंडर आधारित हिंसा, महिला उत्पीड़न और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें विद्यालय के शिक्षकों, जीविका दीदियों, छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी की. कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य महिलाओं व बालिकाओं को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति सजग बनाना था.
सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
सखी वार्ता के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया. वक्ताओं ने कहा कि समाज में व्याप्त भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए सामूहिक सजगता आवश्यक है. बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मविश्वासी बनाने के लिए प्रेरित किया गया. इसके साथ ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी साझा की गयी.
प्रशासनिक सहयोग
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को महिला हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताया गया. वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी उत्पीड़न की स्थिति में महिलाएं प्रशासन की सहायता लेकर न्याय प्राप्त कर सकती हैं. आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन नंबरों के प्रयोग की सलाह दी गयी.
समानता का संदेश
प्रधानाध्यापक अजीत कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का मूल उद्देश्य बेटियों को समान अधिकार दिलाना है. उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी के बिना सर्वांगीण विकास संभव नहीं है. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर निरंतर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.