Nawada News : नवादा जिले के रजौली निवासी प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गणेश शंकर के हजारीबाग स्थित प्रदीप होम्योपैथिक क्लिनिक के 45वें स्थापना दिवस पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उनकी नई पुस्तक "बाल मानसिक लक्षणों की संक्षिप्त होम्योपैथिक रिपर्टरी एवं बाल मन मटेरिया मेडिका सह प्रिस्क्राइबर" का लोकार्पण भी किया गया. कार्यक्रम में चिकित्सक, शिक्षाविद, समाजसेवी, साहित्यकार और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे.
45 वर्षों से होम्योपैथिक चिकित्सा के जरिए जनसेवा
डॉ. गणेश शंकर पिछले साढ़े चार दशकों से होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से मरीजों की सेवा कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में प्रदीप होम्योपैथिक क्लिनिक ने झारखंड के साथ-साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के हजारों मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया है. उनके सेवा-भाव और अनुभव के कारण क्लिनिक ने लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई है.
आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित उपचार बना पहचान
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. गणेश शंकर ने होम्योपैथिक चिकित्सा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है. क्लिनिक में कम्प्यूटरीकृत केस रिकॉर्ड, विस्तृत रोगी परामर्श और बीमारी के मूल कारणों पर आधारित उपचार पद्धति अपनाई जाती है. यही वजह है कि यह क्लिनिक लोगों के भरोसे का केंद्र बन चुका है.
बाल चिकित्सा पर आधारित पुस्तक का हुआ विमोचन
स्थापना दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण डॉ. गणेश शंकर की नई पुस्तक का लोकार्पण रहा. पुस्तक में बच्चों के मानसिक लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक उपचार की सरल और व्यावहारिक जानकारी दी गई है. कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने इसे होम्योपैथी के विद्यार्थियों, शिक्षकों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ बताया.
रजौली के लिए गौरव का क्षण
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि रजौली की धरती से निकलकर डॉ. गणेश शंकर ने राष्ट्रीय स्तर पर होम्योपैथी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. चिकित्सा सेवा, शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान प्रेरणादायी है. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके 45 वर्षों की सेवा और चिकित्सा साहित्य में योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं.
