भारत स्काउट एंड गाइड के द्वितीय सोपान का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 11 से 15 सितंबर तक जिला प्रशिक्षण केंद्र, इंटर विद्यालय आंती में आयोजित किया गया. शिविर में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आये स्काउट एवं गाइड को विभिन्न व्यावहारिक, जीवनोपयोगी एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया.
कंपास, मानचित्र और प्राथमिक सहायता का दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अनुमान लगाना, कंपास का उपयोग, मानचित्र पढ़ना, बिना बर्तन के भोजन बनाना, खोज चिह्न, शिविर एवं औजारों की जानकारी, आग से संबंधित सुरक्षा, पायनियरिंग, आपदा प्रबंधन, कदमताल, मार्च पास्ट, प्राथमिक सहायता और तंबू लगाने आदि का प्रशिक्षण दिया गया.
इसके साथ ही बाल विवाह, दहेज प्रथा, पर्यावरण संरक्षण, देशभक्ति, नैतिक एवं व्यवहारिक ज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नुक्कड़ नाटक, ग्रुप डांस एवं संगीत, रंगोली, परेड, पीटी सहित विभिन्न गतिविधियां करायी गयीं.
अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि, खेल-खेल में पढ़ाई तथा आपदा के समय आवश्यक कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान स्काउट एवं गाइड ने टीम भावना के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और सीखे हुए कौशलों का प्रदर्शन भी किया.
दो दर्जन विद्यालयों के 450 प्रतिभागियों ने लिया भाग
पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में पूरे जिले के दो दर्जन विद्यालयों से लगभग 450 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जिम्मेदार नागरिक बनने, समाज के प्रति अपनी भूमिका समझने तथा जरूरत के समय दूसरों की सहायता करने के लिए भी प्रेरित किया गया.
प्रशिक्षकों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
शिविर के सफल आयोजन में शिविर प्रधान रणजीत कुमार के निर्देशन में शिविर संचालक संतु कुमार की देखरेख में स्काउट मास्टर संतोष कुमार वर्मा, अनुशासन प्रभारी राजीव कुमार, सीनियर प्रशिक्षक विधि व्यवस्था प्रभारी अरविंद कुमार, स्काउट मास्टर सौरव कुमार गिरी, मुरलीधर, राजीव कुमार, विकास कुमार, अंजना कुमारी, अनिता कुमारी, गाइड कैप्टन सुमन कुमारी वर्मा, ममता रानी, मनीष कुमार सहित अन्य प्रशिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
अनुभवों को विद्यालय और समाज में उपयोग करने का संकल्प
पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला. समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को अपने विद्यालय एवं समाज में उपयोग करने का संकल्प लिया.
