दलितों को रोजगार सृजन के लिए मिलेगी मदद

एससीएसटी के लिए विशेष पीएमइजीपी, पीएमएफएमइ कैंप का आयोजन

एससीएसटी के लिए विशेष पीएमइजीपी, पीएमएफएमइ कैंप का आयोजनमुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत ऋण नहीं चुकाने वाले लाभुकों पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय.

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी) एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमइ) के अंतर्गत विशेष उद्योग स्थापना कैंप का आयोजन किया जा रहा है. यह कैंप 24 से 26 जुलाई तक जिला उद्योग कार्यालय परिसर में आयोजित होगा. इन योजनाओं में लाभुकों को बैंक ऋण के साथ अधिकतम 35% तक का अनुदान मिलता है. इस वर्ष जिले के लिए पीएमइजीपी योजना के तहत 68 इकाइयों व पीएमएफएमइ योजना के तहत 174 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित है. विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के आवेदनों को प्राथमिकता दी जा रही है. पीएमएफएमइ योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी की सुविधा दी जाती है. इच्छुक अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में उपस्थित होकर योजना का लाभ उठा सकते हैं.

इन दस्तावेजों की जरूरत

फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक की छाया प्रति, बैंक स्टेटमेंट, मशीन कोटेशन, मोबाइल नंबर आदि शामिल हैं. इच्छुक आवेदक अधिक जानकारी एवं आवेदन के लिए जिला उद्योग केंद्र, नवादा से सीधे संपर्क कर सकते हैं.

ऋण नहीं चुकाने वाले लाभुकों पर कार्रवाई शुरू

जिला उद्योग कार्यालय से जानकारी दी गयी है कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को किश्तों में ऋण सहायता प्रदान की जाती है. परंतु, यह देखा गया है कि कुछ लाभार्थी प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय किस्त प्राप्त करने के बाद भी न तो उद्योग की स्थापना कर रहे हैं और न ही ऋण की राशि का समयबद्ध पुनर्भुगतान कर रहे हैं. ऐसे मामलों में बिहार सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए लाभुकों से एकमुश्त राशि की वसूली की जा रही है. अबतक कुल 20 लाभुकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है. उद्योग विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऋण की किस्तों का भुगतान अब उद्यमी पोर्टल के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से किया जा सकता है. लाभार्थियों से अपील की जाती है कि वे ऋण की किस्तों का भुगतान समय पर करें, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त वसूली की कार्रवाई की जायेगी.

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Published by: Vishal kumar

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