भाषा और गणित में निपुण बनेंगे चयनित 16 स्कूलों के बच्चे

NAWADA NEWS.बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित निपुण भारत मिशन को धरातल पर उतारने के लिए जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) नवादा में एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें डायट से जुड़े 16 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए.

निपुण भारत मिशन के तहत चलाया जा रहा है अभियान, एचएम की हुई कार्यशाला

स्कूल के बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए हो रहा प्रयास

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय

बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित निपुण भारत मिशन को धरातल पर उतारने के लिए जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) नवादा में एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें डायट से जुड़े 16 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए. कार्यशाला में पिरामल फाउंडेशन सहयोगी संस्था के रूप में सक्रिय रहा. एफएलएन फाउडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी के निदेशक राकेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों को निपुण भारत मिशन की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रत्येक कक्षा स्तर पर बच्चों में किन दक्षताओं का विकास होना चाहिए और इसके लिए क्या-क्या प्रयास किये जाने जरूरी हैं. कार्यशाला में विद्यालयों में आनंददायी कक्षा वातावरण का निर्माण, वॉल पेंटिंग, मुक्त माहौल और बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. साथ ही शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए एक्सीलेंस टूल्स के उपयोग की सलाह दी गयी. प्रधानाध्यापकों को बताया गया कि कक्षा दो से पांच तक के बच्चों में भाषा के स्तर पर कम से कम चार से पांच वाक्य पढ़ने, बोलने, लिखने और समझकर वाक्य बनाने की क्षमता विकसित होनी चाहिए. गणित में बच्चों को 999 तक संख्याओं की पहचान, दो अंकों के जोड़, घटाव, गुणा, व 100 रुपये तक के लेन-देन का हिसाब करने में सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दो सितंबर या उसके बाद चयनित विद्यालयों के शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य टिप्स इंडिकेटर और स्कूल प्रक्रियाओं की गहराई से समझ विकसित करना होगा, ताकि वे अपने विद्यालयों में बच्चों की दक्षताओं को प्रभावी ढंग से बढ़ा सकें. कार्यशाला में एक्टिविटी बैंक और एक्टिविटी पैकेज जैसे संसाधनों के उपयोग पर विशेष बल दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया अधिक जीवंत और बच्चों के लिए आनंददायक बन सकेगी.

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Published by: Vishal kumar

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