उड़ी में सैनिकों पर हुए हमले से लोगों में भारी आक्रोश कहा-
नवादा : कश्मीर के उड़ी सेक्टर में हुए आतंकी हमले से भारतीय जनमानस के भावनाओं में जबरदस्त आक्रोश हैं. उडी में आतंकवादियों के भेष में पाकिस्तान की नापाक हरकत लोगों के दिलोजान पर बदले की भावना से भर गयी है. भारत सरकार द्वारा सिर्फ कड़ी निंदा और सोच समझ कर कार्रवाई करने जैसे बयानों से हर वर्ग में निराशा हैं. हमले में शहीद 18 जवानों की क्षति देश के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हैं. भारतीय सेना के इतिहास में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भूलने और क्षमा करने के लायक नहीं है. साल के शुरुआत में पठानकोट हमले से सीख लेते हुए जवानों की सुरक्षा का चाक चौबंद मजबूत नहीं किया जाना भी बड़ी खेद की बात हैं.
बार-बार की चेतावनियों के बाद भी पाकिस्तान अपने नापाक इरादों से बाज नहीं आ रहा है. ऐसे में भारत सरकार से कठोर और नेस्तनाबूंद करने वाली कार्रवाई की इच्छा नागरिक रखते हैं. देश की आक्रोशित जनता तत्काल कार्रवाई करने की मांग कर रही है, जबकि बुद्धिजीवी वर्ग एक कूटनीतिक व मारक रणनीति अपना कर विश्व मानचित्र से पाकिस्तान को साफ करने का मुद्दा रखते हैं. कश्मीर के उड़ी में सेना के बेस कैंप पर हुए आतंकी हमले और 18 जवानों की हुई मौत के बाद इस घटना की हर जगह निंदा हो रही है. देश भर में लोग सेना के समर्थन में कार्यक्रम कर रहे हैं. साथ ही सरकार से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के रूप में हमले की अपेक्षा रख रहे हैं. इसी मुद्दे पर शहर के संभ्रात लोगों से हुई बातचीत को हम रख रहे हैं. लोग क्या सोचते हैं,क्या चाहते हैं.
