नवादा सदर : राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को मिली जमानत के विरोध में एनडीए की ओर से समाहरणालय के समक्ष गुरुवार को धरना दिया गया. भाजपा जिलाध्यक्ष शशि भूषण कुमार बबलू की अध्यक्षता में आयोजित धरना का संचालन प्रियरंजन श्रीनिवास ने किया.
सरकार-अपराधी गंठबंधन के खिलाफ आयोजित धरना को संबोधित करते हुए एनडीए नेताओं ने शहाबुद्दीन को राज्य बदर करने व बिहार की शांति के लिए सीसीए लगाने की मांग कर रहे थे. उद्घाटन भाषण करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ विजय कुमार सिन्हा ने इस महाधरना के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कोर्ट द्वारा एक विधायक को बेल देने के बाद भी नीतीश कुमार द्वारा सीसीए लगाकर जेल में बंद कर दिया गया.
राजद के शहाबुद्दीन को न्यायालय की बात नहीं मान कर साजिश के तहत बेल दिलवाने का काम किया गया. हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने कहा कि एनडीए के साथ नीतीश कुमार का शासन व आज के शासन की तुलना की. जिलाध्यक्ष शशि भूषण बबलू ने कहा कि नीतीश सरकार शहाबुद्दीन को जेल से बाहर करके बिहार की जनता में खौफ भरने का काम किया है. बिहार में शांति के लिए शहाबुद्दीन को राज्य बदर करने की मांग की. सांसद प्रतिनिधि बिट्टू शर्मा ने कहा कि नीतीश कुमार लालू प्रसाद के हाथ की कठपुतली बन गये हैं.
लालू अपने हाथ मजबूत करने लिए शहाबुद्दीन को जेल से बाहर निकालने का काम किया. रंजीत यादव ने आज के धरना को सफल बताते हुए कहा कि बिहार की जनता अब नीतीश कुमार के कारनामों से ऊब गयी है. धरना को पूर्व जिलाध्यक्ष केदार सिंह, नवीन केसरी, लोजपा जिलाध्यक्ष अजीत यादव, रालोसपा नेता इंद्रदेव कुशवाहा, गौतम कपूर चंद्रवंशी, श्याम सुंदर शरण, शैलेंद्र कुमार, युवा नेता रवि गुप्ता, जितेंद्र पासवान ने भी संबोधित किया. धरना में जिला पार्षद अंजनी सिंह, नीती नंदन, पंकज मुन्ना, जितेंद्र बबलू, अरविंद गुप्ता, पप्पू सिंह व अन्य मौजूद थे. अंत में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया. इसमें सरकार से शहाबुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी.
