नहीं मिल रहा हमारा गांव, हमारी योजना का लाभ कौआकोल. सरकार प्रायोजित योजना हमारा गांव, हमारी योजना गांवों के हर व्यक्ति की जानकारी तक नहीं पहुंचने के कारण आम ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. इससे विकास का कार्य बाधित हो रहा है. गौरतलब है कि इस योजना के तहत मनरेगा कर्मी पंचायत रोजगार सेवक अथवा जहां मनरेगा कर्मी नहीं हैं. उनके प्रभार में रहे आवास सहायक गांव में जाकर आम लोगों के साथ बैठ कर गांवों के विकास से संबंधित प्राथमिकता के अधार पर योजना को सर्व सम्मति से प्रस्ताव में लायेंगे. उस सूची के आधार पर ही गांवों में विकास के कार्य किये जायेंगे. पर, कौआकोल यह योजना संबंधित पंचायत के मुखिया व पंचायत रोजगार सेवकों की पॉकेट की योजना साबित होकर रह गयी है. इसके कारण किस गांव में कौन सी योजना ली गयी यह आम लोगों की जानकारी से काफी दूर रहती है. पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले विकासात्मक कार्य कौआकोल में सफेद हाथी साबित होकर रह गया है.
नहीं मिल रहा हमारा गांव, हमारी योजना का लाभ
नहीं मिल रहा हमारा गांव, हमारी योजना का लाभ कौआकोल. सरकार प्रायोजित योजना हमारा गांव, हमारी योजना गांवों के हर व्यक्ति की जानकारी तक नहीं पहुंचने के कारण आम ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. इससे विकास का कार्य बाधित हो रहा है. गौरतलब है कि इस योजना के तहत मनरेगा कर्मी […]
