सरकार की नीतियों के खिलाफ बंद रहे बैंक एसबीआइ व ग्रामीण बैंकों को छोड़ कर सभी बैंक रहे हड़ताल परफोटो-1प्रतिनिधि, नवादा (नगर)ऑल इंडिया बैंक इंप्लाय एसोसिएशन (एआइबीइए) के आह्वान पर जिले में एसबीआइ व ग्रामीणों बैंकों को छोड़कर शेष सभी बैंकों की शाखाएं बंद रही. केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बैंक इंप्लाय नाराज दिखे. शुक्रवार को बैंकों के शाखाओं में तालाबंदी कर बैंक कर्मियों ने बैंक के आगे प्रदर्शन भी किया. बैंक अधिकारियों ने कहा कि सरकार बैंकों का प्राइवेटाइजेशन कर रही है. सभी बैंकों के 30 से 40 प्रतिशत तक के शेयर प्राइवेट कंपनी को देने की योजना चल रही है. देश के वित्तीय गतिविधियों को संचालित करने वाले बैंकों को प्रभावित करने का कुचक्र चल रहा है. सरकार द्वारा 10वां वेतन समझौता अक्तूबर, नवंबर माह से लागू किया. लेकिन, यह भी आधा अधूरा है. बैंक कर्मियों ने सरकार द्वारा बहाली में भेदभाव की नीति का भी पूरजोर विरोध किया. बैंकों में आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग उठायी गयी. एआइबीइए के आह्वान पर बैंकों के बंदी का असर शुक्रवार को देखने को मिला. पीएनबी की सभी शाखाओं के अलावा केनरा बैंक, आइडीबीआइ सहित सभी बैंकों की शाखाएं बंद रही. इधर, बैंकों के बंदी से उपभोक्ता परेशान दिखें. शुक्रवार को बैंक बंद होने से लगातार तीन दिनों के बैंक बंदी लोगों को झेलनी पड़ रही है. शुक्रवार को हड़ताल के कारण बैंक बंद रहे. जबकि, शनिवार को माह के द्वितीय शनिवार व रविवार की छुट्टी को मिलाकर लगातार तीन दिनों तक बैंक बंद रहेंगे. बैंक में हड़ताल के कारण लोग अपने जरूरी कामों के लिए रुपये निकालने व जमा करने के लिए भटकते रहे. अन्य बैंकों के बंद रहने के कारण एसबीआइ की शाखा में भीड़ देखी गयी. उपभोक्तओं ने कहा कि सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का असर आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. बैंकिंग सेवा ठप रहने से कई कारोबारी भी प्रभावित रहे.
सरकार की नीतियों के खिलाफ बंद रहे बैंक
सरकार की नीतियों के खिलाफ बंद रहे बैंक एसबीआइ व ग्रामीण बैंकों को छोड़ कर सभी बैंक रहे हड़ताल परफोटो-1प्रतिनिधि, नवादा (नगर)ऑल इंडिया बैंक इंप्लाय एसोसिएशन (एआइबीइए) के आह्वान पर जिले में एसबीआइ व ग्रामीणों बैंकों को छोड़कर शेष सभी बैंकों की शाखाएं बंद रही. केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बैंक इंप्लाय नाराज […]
