गांव का संपर्क पथ जर्जर

गांव का संपर्क पथ जर्जरकाशीचक. प्रखंड के कई ऐसे गांव हैं, जो कि संपर्क पथ से नहीं जुड़ पाये हैं. इन गांवों तक पहुंचने के लिए रास्ता है वह सिर्फ नाम का है. पक्की सड़क नहीं होने के कारण इन गांव के लोगों को कई बार पानी व कीचड़ के बीच से आना-जाना करना पड़ता […]

गांव का संपर्क पथ जर्जरकाशीचक. प्रखंड के कई ऐसे गांव हैं, जो कि संपर्क पथ से नहीं जुड़ पाये हैं. इन गांवों तक पहुंचने के लिए रास्ता है वह सिर्फ नाम का है. पक्की सड़क नहीं होने के कारण इन गांव के लोगों को कई बार पानी व कीचड़ के बीच से आना-जाना करना पड़ता है. पाली, धानपुर, गोनर बिगहा आदि गांवों के लोगों ने बताया कि संपर्क पथ की मरम्मत आपसी चंदे व श्रमदान से मिट्टी भराई कर किया जाता है. पाली के अशोक सिंह का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई जनप्रतिनिधियों से कहा गया, लेकिन आश्वासन देकर रह गये. राजेंद्र सिंह ने बताया कि पाली गांव के सड़क का काम 1991 में तत्कालीन विधायक देवनंदन प्रसाद ने अपने निधि से मिट्टी भराई व मोरम का कार्य कराया था. मतदान के समय सभी जनप्रतिनिधियों का कथन होता है कि पहले आपके गांव का सड़क का काम उसके बाद ही कोई काम करुंगा. लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने ग्रामीण सड़कों के बारे में नहीं सुधी ली.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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