सिरदला : पावर सबस्टेशन से विद्युत आपूर्ति होने वाली 11 हजार वोल्ट की तार में फॉल्ट होने के कारण केवाल गांव सहित प्रखंड़ के कई गांव में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से नही हो पा रही है.लिहाजा क्षेत्र में बिजली का खेलमिचौनी का खेल जारी है. इससे किसानों व ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. इस उमस भरी गर्मी में लोग पावर कट से परेशान होने लगे है. क्षेत्र के लोगों को बार-बार बिजली गुल होने की समस्या झेलनी पड़ रही है.
नवादा : पावर सबस्टेशन का ग्रामीणों ने किया घेराव
सिरदला : पावर सबस्टेशन से विद्युत आपूर्ति होने वाली 11 हजार वोल्ट की तार में फॉल्ट होने के कारण केवाल गांव सहित प्रखंड़ के कई गांव में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से नही हो पा रही है.लिहाजा क्षेत्र में बिजली का खेलमिचौनी का खेल जारी है. इससे किसानों व ग्रामीणों को […]

जानकारी के अनुसार, सिरदला पावर स्टेशन से कारिगिद्धि फीडर से निकलकर जंगल तथा कई गांव से होकर जाने वाली ग्यारह हजार की तार फॉल्ट होने के कारण दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप की स्थिति में है.जिससे प्रखंड के कई गांव में बिजली आपूर्ति ठप पड़ गयी है.
कनीय अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि सिरदला से सप्लाई देने वाली हाई वोल्टेज का तार में वर्षा के कारण फॉल्ट होने के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हुआ है. क्षेत्र में फॉल्ट की सुधार के लिये काम किया जा रहा है.जिस क्षेत्र में लाइन क्लीयर है विद्युत आपूर्ति की जा रही है.
ग्रामीणों सिरदला पावर स्टेशन का किया घेराव : क्षेत्र के केवाल गांव के लोगों ने बिजली आपूर्ती में अनियमितता के आरोप लगाते हुए पावर सब स्टेशन का घेराव किया. ग्रामीण मुकेश पासवान, जितेंद्र पासवान, अमरजीत पासवान, सुनील पासवान, सचिन पासवान, रिहित पासवान, राजाराम पासवान, विकास पासवान, सुजीत पासवान, राहुल पासवान, रवि पासवान, अर्जुन भुइयां, बिजय भुइयां, अर्जुन मांझी व उपेंद्र मांझी ने बताया कि केवाल गांव में दो दिनों से बिजली नहीं है.बिजली गुल के साथ लो -वोल्टेज की समस्या बढ़ने लगी है.
पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में आंखमिचौनी का खेल खेल रही है. शिकायत करने पर बिजली विभाग मेंटनेंस की बात करता है. लेकिन, इसके बाद भी अब बिजली गुल हो रही है. दूसरी ओर केबल व लाइन में फॉल्ट आने की शिकायत भी बढ़ रही है. बिजली की आंखमिचौनी ने लोगों को परेशान कर रखा है. ग्रामीणों ने बताया कि बिजली और वर्षा नहीं होने के कारण धान की सिंचाई बाधित है. सिंचाई के अभाव में फसल जलने के कगार पर पहुंच चुकी है.