Durga Puja 2022: पटना के इस पंडाल में दिखेगा रावण वध का दृश्य, मां दुर्गा के साथ इन देवताओं का होगा दर्शन

Durga Puja 2022: पंडाल का निर्माण पटना आर्ट काॅलेज के छात्र विपिन कुमार की टीम कर रही है. वहीं, पंडाल को अंतिम रूप देने के लिए कोलकाता से कुछ कलाकारों को बुलाया गया है.

बिहार की राजधानी पटना स्थित कंकड़बाग काॅलानी में भी दुर्गा पूजा का आयोजन कई जगहों पर किया जाता है. लेकिन, इनमें सबसे अलग और आकर्षक पंडाल हनुमान नगर में आवास बोर्ड चौराहे के पास बनाया जाता है. यहां स्थापित प्रतिमाएं काफी भव्य और आकर्षक होती हैं. साथ ही पंडाल का निर्माण भी हर साल अलग तरह का होता है. यहां दुर्गा पूजा का आयोजन इंडियन सोसाइटी महाभव्य दुर्गा मंदिर, आवास बोर्ड चौराहा, हनुमान नगर की देखरेख में होता है. सोसाइटी द्वारा विशेष पंडाल का निर्माण इस तरह से कराया जाता है कि आने-जाने वालों को किसी तरह की परेशानी न हो. पूजा के दौरान आने-जाने वाले हर वाहन को पंडाल के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.

पंडाल की ऊंचाई लगभग 70 फुट और चौड़ाई 45 फुट होगी

इस बार यहां पंडाल में भगवान राम और लंकापति रावण के बीच युद्ध का दृश्य दिखेगा. भगवान राम द्वारा अंहकारी रावण के वध करने का दृश्य देखने को मिलेगा. पंडाल की ऊंचाई लगभग 70 फुट और चौड़ाई 45 फुट होगी. पंडाल का निर्माण पटना आर्ट काॅलेज के छात्र विपिन कुमार की टीम कर रही है. वहीं, पंडाल को अंतिम रूप देने के लिए कोलकाता से कुछ कलाकारों को बुलाया गया है. यहां सौम्य रूप के बदले मां के रौद्र रूप की प्रतिमा बनायी जाती है. मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ ही गणेश, लक्ष्मी, कार्तिक और सरस्वती की प्रतिमा देखने को मिलेगी. इस वर्ष प्रतिमा का निर्माण युवा मूर्तिकार पिंटू कुमार की टीम कर रही है.

अष्टमी व नवमी को हलवा का लगाता है भोग

यहां अष्टमी और नवमी को मां दुर्गा को हलवा का भोग लगाया जाता है. जिसे तैयार करने में एक क्विंटल शुद्ध घी का प्रयोग किया जाता है. प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों को घंटो लाइन में इंतजार करना पड़ता है.

Also Read: Jivitputrika Vrat 2022: बिहार में जितिया व्रत कब है, 17 या 18 सितंबर को, यहां करें अपनी कन्फ्यूजन दूर
सोसाइटी की स्थापना 32 वर्ष पूर्व हुई थी

सोसाइटी की स्थापना 32 वर्ष पूर्व हुई थी, तब से पूजा का आयोजन हो रहा है. स्थापना वर्ष में पूजा की शुरुआत मात्र सात हजार रुपये चंदे से हुई थी. उस वक्त सदस्यों के घरों की साड़ियाें से छोटा-सा पंडाल बनाया गया था. लेकिन, मां की कृपा से सात हजार रुपये से शुरू हुआ सफर सात लाख रुपये तक पहुंच गया है. इसमें स्थानीय लोगों के अलावा दुकानदारों को सहयोग भी है. -अभय कुमार शर्मा, संस्थापक सह अध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी महाभव्य दुर्गा मंदिर,आवास बोर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >