Navratri 2021: अजगैबीनाथ मंदिर परिसर में इस बार 40 फुट ऊंचा बनेगा गुंबज, शेषनाग पर बैठेंगी मां दुर्गा

Navratri 2021: मंदिर के पुजारी संजय मिश्रा ने कहा कि मंदिर के ऊपर करीब 40 फुट ऊंचा बड़ा गुंबज बनाया जा रहा है. मंदिर के पास एक भव्य पंडाल बन रहा है. इसमें विभिन्न प्रकार के लाइट लगाये जाएंगे. इसके लिए कोलकाता के कारीगरों को बुलाया गया है.

मुजफ्फरपुर. सिकंदरपुर चौक स्थित अजगैबीनाथ मंदिर में इस बार मां दुर्गा शेषनाग पर बैठी नजर आएंगी. इस बार मुंबई के लालबाग में आयोजित गणेश पूजा के तर्ज पर यहां मां की प्रतिमा बनायी जा रही है. मां के दरबार का रंग-बिरंगे फूलों से शृंगार किया जायेगा. मां के पास अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी रहेंगी, जो मां से सृष्टि के कल्याण के लिए प्रार्थना करती नजर आएंगी.

मंदिर के पुजारी संजय मिश्रा ने कहा कि मंदिर के ऊपर करीब 40 फुट ऊंचा बड़ा गुंबज बनाया जा रहा है. मंदिर के पास एक भव्य पंडाल बन रहा है. इसमें विभिन्न प्रकार के लाइट लगाये जाएंगे. इसके लिए कोलकाता के कारीगरों को बुलाया गया है. पंडाल से भक्तों को मां के दर्शन की व्यवस्था की जायेगी. संजय मिश्रा ने कहा कि इस बार मां की प्रतिमा और मंदिर का गुंबज भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा.

उन्होंने कहा कि हमलोगों ने कोरोना से सुरक्षा का भी इंतजाम किया है. भक्तों को मास्क के साथ पंडाल में आने की अनुमति दी जायेगी. पंडाल में भीड़ नहीं लगे, इसके लिए स्वयंसेवक तैनात रहेंगे. उन्होंने कहा कि पूजा मंदिर कमेटी के सचिव रवि महतो के देखरेख में हो रही है. मुख्य यजमान संजीव गुप्ता रहेंगे.

मुजफ्फरपुर. नवरात्र की प्रतिपदा तिथि 7 अक्टूबर को है. इस दिन दोपहर 3.28 बजे तक यह तिथि रहेगी. इसके बाद द्वितीया तिथि की शुरुआत हो जायेगी. पुरोहितों के अनुसार इस दौरान ही कलश स्थापना करनी चाहिए. इस दिन सुबह से दोपहर तक चार मुहूर्त हैं, जिसमें कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा शुरू की जा सकती है. आचार्य अजय शास्त्री के अनुसार इस बार नवरात्र आठ दिनों का होगा. पंचमी और षष्ठी तिथि एक दिन होने के कारण ऐसा हुआ है. 11 अक्टूबर को मां की बिल्वाभिमंत्रण पूजा की जायेगी.

कलश स्थापना का विशेष मुहूर्त

  • प्रथम मुहूर्त : सुबह 6.15 बजे से 7.15 बजे तक

  • द्वितीय मुहूर्त : सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक

  • तृतीय मुहूर्त : सुबह 11.36 बजे से 12.36 बजे तक (अभिजीत मुहूर्त)

  • चतुर्थ मुहूर्त : दोपहर 1.50 बजे से 3.38 बजे तक

  • 8 अक्टूबर : द्वितीया (दोपहर 1.28 बजे तक)

  • 9 अक्टूबर : तृतीया (सुबह 11.15 बजे तक)

  • 10 अक्टूबर : चतुर्थी (सुबह 8.54 बजे तक)

  • 11 अक्टूबर : पंचमी/षष्ठी (सुबह 6.04 बजे तक)

  • 12 अक्टूबर : सप्तमी (रात्रि 1.48 बजे तक)

  • 13 अक्टूबर :अष्टमी (रात्रि 11.42 बजे तक)

  • 14 अक्टूबर : नवमी (रात्रि 9.52 बजे तक)

  • 15 अक्टूबर : विजयादशमी (रात्रि 8.19 बजे तक).

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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