Rajgir Ropeway: राजगीर में रोपवे के जरिए खूबसूरत वादियों का मजा एक बार फिर पर्यटक ले सकेंगे. लगभग 13 दिनों के बाद पर्यटकों के लिए रोपवे की सुविधा फिर शुरू कर दी गई है. पिछले कुछ दिनों से तकनीकी कारणों और नियमित मेंटेनेंस की वजह से इस पर ब्रेक लगाया गया था. ऐसे में अब पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है.
रोपवे प्रबंधन की ओर से क्या बताया गया?
रोपवे प्रबंधन की ओर से बताया गया कि सुरक्षा को लेकर जांच और जरूरी सुधार कार्य के पूरा होने के बाद एक बार फिर रोपवे का परिचालन शुरू कर दिया गया है. 8 अप्रैल से 20 अप्रैल तक इस पर ब्रेक लगाया गया था. लेकिन 13 दिनों के दौरान तकनीकी जांच होने और सफलतापूर्वक ट्रायल किए जाने के बाद इसे फिर शुरू कर दिया गया है.
मलमास मेले में भीड़ उमड़ने की संभावना
जानकारी के मुताबिक, अब से कुछ ही दिनों में राजगीर में मलमास मेले का भी आयोजन होने वाला है, जिसमें सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दूसरे देशों से भी श्रद्धालु यहां घूमने पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं और टूरिस्टों की भारी उमड़ने की संभावना को देखते हुए रोपवे की सुरक्षा अनिवार्य है और इसी वजह से कुछ दिनों के लिए ब्रेक लगा दिया गया था.
देश का सबसे पुराना रोपवे
राजगीर का रोपवे न केवल देश का सबसे पुराना रोपवे है, बल्कि यह अपने अनोखे ढांचे और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है. यह रोपवे सैलानियों को राजगीर की पहाड़ियों के बीच रोमांचक और हवाई सफर कराता है. इससे पर्यटक विश्व शांति स्तूप जैसे दर्शनीय स्थलों तक आसानी से पहुंचते हैं.
पर्यटन को फिर मिलेगी गति
रोपवे के फिर संचालन की घोषणा होते ही होटल व्यवसायियों, स्थानीय दुकानदारों और गाइड्स में भी खुशी की लहर दौड़ गई है. इससे पर्यटन को फिर से गति मिलेगी. प्रशासन की ओर से पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं. सुरक्षा जांच, टिकट व्यवस्था और रोपवे के संचालन में पूरी सतर्कता बरती जा रही है.
रोपवे के प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों और पर्यटकों की बढ़ रही भीड़ को देखते हुए रोपवे का शुरू होना पर्यटकों के लिए बेहतरीन अवसर है. अब सैलानी एक बार फिर राजगीर की हरी-भरी वादियों, पहाड़ों और बौद्ध धरोहरों का आनंद लेते हुए इस खूबसूरत रोपवे यात्रा का अनुभव कर सकेंगे.
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