पटवन की सुविधा को ले सरकार सुस्त : विधायक

एकंगरसराय : गुरुवार को जमुआवां पंचायत के रसीसा गांव में लूटन सिंह के खेत में इस्लामपुर विधायक राजीव रंजन एवं अन्य लोगों द्वारा श्री विधि धान की खेती की रोपनी शुरू की गयी. धान की रोपनी की शुरुआत करने के बाद विधायक राजीव रंजन ने पत्रकारों को बताया कि श्री विधि से खेती करने से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 24, 2015 1:51 AM
एकंगरसराय : गुरुवार को जमुआवां पंचायत के रसीसा गांव में लूटन सिंह के खेत में इस्लामपुर विधायक राजीव रंजन एवं अन्य लोगों द्वारा श्री विधि धान की खेती की रोपनी शुरू की गयी.
धान की रोपनी की शुरुआत करने के बाद विधायक राजीव रंजन ने पत्रकारों को बताया कि श्री विधि से खेती करने से किसानों को कई फायदा है. इसकी उपज तीन मन से छह मन प्रति कट्ठा उपज होती है. नालंदा जिले में लगभग 81 प्रतिशत लोग कृषि पर आधारित है.
अच्छी उपज करने से एक तो किसानों में खुशहाली रहती है. दूसरी ओर बाल बच्चे को पढ़ने, दवा-दारू में सहूलियत होती है.श्री विधि में सबसे महत्वपूर्ण बात है कि दस इंच की दूरी पर एक-एक पौधा लगाया जाता है और उसी एक पौधे से 60 या 90 पौधा हो जाता है.
श्री रंजन ने कहा कि नालंदा जिले में किसानों के लिए सबसे जरूरतमंद पटवन ही है. जमुआवां ऐसे कई पंचायत है इस जिले में जिसको पटवन की कोई सुविधा नहीं है.यहां के अधिकतर किसान वर्षा पर आधारित है. यहां के किसान बहुत ही मेहनती है. इसलिए उनका सही बीज और सही समय पर पटवन की सुविधा हो जाये तो एक साल में दस लाख टन पैदा करने की क्षमता रखता है.
यदि बारिश नहीं हुई तो डेढ़ लाख टन का ही उपज हो पाता है. बिहार सरकार ने पिछले दस सालों में एक इंच जमीन की पटवन की सुविधा नहीं करायी. लगभग तीन साल पहले लगा हुआ स्टेट ट्यूबेल आधा से अधिक बंद पड़ा है. किसान राज्य के विकास को दरसाता है. किसानों के लिए नीतीश जी हरित क्रांति लाने के लिए एक लाख वामन हजार आठ सौ करोड़ का प्रावधान किया.अगर यह सही तरीके से लागू होता तो किसान को बहुत बड़ा फायदा होता.
बिहार को 81 प्रतिशत गांव में रहने वाले के लिए अपने बजट का 60 फीसदी किसानों के हित में खर्च करना चाहिए. किसानों के प्रति सरकार जागरूक नहीं है. क्योंकि पिछले बार धान खरीदने में भी घोटाला हुआ. किसानों को 16.60 रुपये प्रति क्विंटल की जगह 10.50 रुपये प्रति क्विंटल मिला.