राजगीर में पहली बार इस तरह की गतिरोध के कारण मलमास मेले के सफल एवं आकर्षक आयोजन पर प्रश्न चिह्न् लग गया था. हालांकि, स्थानीय लोगों की पहल पर यह मामला शांत हुआ और प्रशासन ने पहल की.
पिछले चार दिनों से चल रहे विवाद के कारण पर्यटक नगरी के रूप में विख्यात राजगीर में पर्यटकों के निर्बाध आगमन पर भी ब्रेक लगा था.
वहीं दूसरी ओर इस आंदोलन का नेतृत्व करने वाले मेला बचाओं मोरचा के सदस्य प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के भय से भूमिगत हो गये हैं. प्राथमिकी में बड़ी संख्या में अज्ञात आरोपित बनाये गये हैं. हालांकि, उपद्रव के बाद बनी स्थिति पर प्रशासन नजर रखे हुए है. इसके लिए जवानों की तैनाती की गयी है. इधर, कई संगठनों ने शांति मार्च भी निकाला.
