बिहारशरीफ : राजगीर में चार जून को हुई हिंसक घटना अल्पसंख्यक विरोधी लोगों की सोची समझी साजिश थी. इस घटना में अल्पसंख्यकों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व कब्रिस्तान को निशाने पर बनाने की घटना की जितनी भी निंदा की जाये कम होगी. उक्त बातें अंजुमन मोफिदुल इसलाम के तत्वावधान में भरावपर स्थित मसजिद में रविवार को आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहीं.
उन्होंने कहा कि राजगीर में कब्रिस्तान की जमीन पर जबरन मलमास मेला लगाया जा रहा है. जबकि सैरात की जमीन को अतिक्रमण कर मकान बनाया गया है. कब्रिस्तान से संबंधित विवाद माननीय उच्च न्यायालय के डबल बेंच में विचाराधीन है. इसलिए उस जमीन पर सर्कस नहीं लगाने की प्रशासन की घोषणा को गलत नहीं कहा जा सकता.
अल्पसंख्यक विरोधियों के आक्रोश से कुंड क्षेत्र में यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने वाले मखदुम कुंड कमेटी के सचिव आफताब आलम को प्रताड़ित करने वाले आइजी व थानाध्यक्ष को मुअत्तल किया जाना चाहिए. प्रेस वार्ता में सचिव सलीम मुनेरी,संयोजक जाहिद हुसैन,अकबर आजाद,मो फहीम,मो बहाव अंसारी,मो कुदरतुल्ला,मो अरशद आदि मौजूद थे.
