सुरक्षा बलों ने किया फ्लैग मार्च

सर्कस का स्थान बदलने का विरोध,स्थिति नियंत्रण में राजगीर : गुरुवार को हुए उग्र व हिंसक आंदोलन एवं इसके बाद पुलिस की जबावी कार्रवाई से जो आक्रोश व दहशत का माहौल उत्पन्न हुआ था, उसका असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. तीन दिन बाद भी राजगीर का आम जन जीवन पटरी पर नहीं […]

सर्कस का स्थान बदलने का विरोध,स्थिति नियंत्रण में
राजगीर : गुरुवार को हुए उग्र व हिंसक आंदोलन एवं इसके बाद पुलिस की जबावी कार्रवाई से जो आक्रोश व दहशत का माहौल उत्पन्न हुआ था, उसका असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. तीन दिन बाद भी राजगीर का आम जन जीवन पटरी पर नहीं लौटी है.
जिला प्रशासन के प्रयास से स्थिति नियंत्रण में है, परंतु भय व तनाव अभी भी बरकरार है.शनिवार को भी राजगीर में अधिकांश दुकानें बंद रहीं. लोगों में विश्वास पैदा करने एवं शांति बहाली के लिए जिले के आलाधिकारी सहित आइजी कुंदन कृष्ण व डीआइजी उपेंद्र कुमार सिंह कैंप कर रहे हैं.
राजगीर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. एक तरफ जहां एरिया डोमिनेशन के लिए सुबह में आरपीएफ द्वारा फ्लैग मार्च किया गया. वहीं शाम में शहर में सद्भावना मार्च का आयोजन किया गया. मलमास मेले के आयोजन में महज दसे दिन शेष बचे रहे के कारण यहां की स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है. बावजूद इसके आम लोगों संशय बना हुआ है. भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी भी उनके लिए भय का कारण बना हुआ है. वजह है विवादित मुद्दे से कोई वास्ता नहीं रखने वाले लोग भी घर से निकलने में परहेज कर रहे हैं.
वहीं स्थानीय ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी राजगीर की ओर रुख करने से कतरा रहे हैं. राजगीर की सड़कें वीरान नजर आती हैं. वहां पर्यटकों व स्थानीय लोगों की जगह हर जगह सुरक्षा बल के जवान हीं नजर आ रहे हैं. हिंसक आंदोलन के बाद पुलिस कार्रवाई के कारण फुटपाथी दुकानदारों के साथ सभी तरह के व्यवसायियों का धंधा ठप हो गया है. प्रशासन के प्रयास के बाद भी वे लोग अपना धंधा शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. थियेटर नहीं लगाने व सर्कस का जगह बदलने के मामले में प्रशासन का स्टैंड कायम रहने से स्थिति को सामान्य बनाने में परेशानी आ रही है.
निषेधाज्ञा में छह घंटे की ढील
जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत लागू निषेधाज्ञा में शनिवार को छह घंटे की छूट दी गयी है. इसके तहत शाम चार बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा आदेश प्रभावी नहीं रहेगा.

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