चंडी (नालंदा) : सरकारी राशि का घालमेल पदाधिकारी कैसे-कैसे करते हैं. इसकी बानगी चंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पूर्व चिकित्सा प्रभारी के रूप में देखने को मिल रहा है. अपने कार्यकाल में सरकारी भत्ता के नाम पर एक लाख अड़तीस हजार रुपये की गड़बड़ी का मामला कल्याण समिति के ही एक सदस्य बृज बिहारी प्रसाद ने उजागर किया है. चंडी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन चिकित्सा प्रभारी ने जुलाई 2008 में अपना कार्यभार संभाला था.
इस दौरान वे पुराने पीएचसी भवन को ही अपना आशियाना बनाये हुए थे. सरकारी क्वार्टर में रहे हुए उन्होंने सरकार से मकान भत्ता लेते चले गये. लेकिन, इन्होंने इस राशि को सरकारी खाते में जमा नहीं किया. जुलाई 2008 से अप्रैल 2013 तक मकान भत्ता के नाम पर एक लाख अड़तीस हजार चार सौ उनसठ रुपये सरकारी खजाने से निकाल लिये.
लेकिन सरकारी क्वार्टर में रहने के बावजूद मकान भत्ता उठाते रहें. इस गबन के बारे में जब पूर्व चिकित्सा प्रभारी से पूछा गया तो वे पहले तो मामला उजागर होने पर सकते में आ गये.
थोड़ी राहत की सांस लेने के बाद उन्होंने दूसरे चिकित्सकों एवं कर्मचारियों पर ही ऊंगली उठाने लगे. उन्होंने कहा कि वे पहले सरकारी पदाधिकारी नहीं है, जो सरकारी भवन में रहते हुए मकान भत्ता लिया प्रखंड एवं जिले में और भी पदाधिकारी है जो सरकारी राशि का चूना लगा रहे हैं.
