बिहारशरीफ : आशा कार्यकर्ताओं के शोषण को बरदाश्त नहीं किया जायेगा. इसके विरोध में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा डीएम व सीएस का घेराव किया जायेगा. इस आशय का निर्णय रविवार को स्थानीय रामचंद्रपुर में आशा संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया.
बैठक की अध्यक्षता संघ की जिलाध्यक्षा सुनीति कुमारी सिन्हा ने की. बैठक को संबोधित करते हुए संघ के संरक्षक अमित कुमार पासवान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का प्रसव,टीकाकरण,बंध्याकरण,टीवी रोगियों का इलाज सहित फलेरिया दवा का वितरण जैसी पैतीस तरह के कार्य आशाकार्यकर्ताओं से लिये जाते हैं,लेकिन पारिश्रमिक के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जाता है.
संरक्षक चंद्रसेन कुमार उर्फ मुन्ना ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को दस हजार रुपये मानदेय देने, स्थायीकरण करने,सभी अस्पतालों में ठहरने की व्यवस्था करने आदि मांगों को लेकर आंदोलन चलाया जायेगा. आंदोलन की रणनीति आगामी 31 मई को आयोजित बैठक में बनायी जायेगी.
समाजसेवी डॉ शिव शंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में जच्च-बच्च की बढ़ी मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए किया गया था जिसमें अपेक्षित सफलता मिली है. इस मौके पर बाल्मीकि पासवान,संजू कुमारी,मीना कुमारी,सरिता कुमारी, बबीता कुमारी, पिंकी कुमारी, आशा सिन्हा, इंदु कुमारी, माधुरी कुमारी, सुनैना कुमारी, नीतू कुमारी आदि मौजूद थी.
