बिहारशरीफ (नालंदा) : प्रतिदिन की तरह समाचार संग्रह के लिए सदर अस्पताल पहुंचा था. यहां पहले डायलेसिस सेंटर गया. इस समय दोपहर 12 बज कर 35 मिनट हो रहे थे. इसी बीच कुरसियां हिलने लगीं, तब भूकंप आने की बात कह बाहर निकल गया.
वहां देखा कि पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मची है. लोग जान बचाने के लिए बाहर जमा हो गये थे.
तत्पश्चात इमरजेंसी वार्ड पहुंचा, तब यहां डॉ फैसल अरशद एवं डॉ बुद्ध प्रकाश मरीजों को देख रहे थे. इसी बीच यहां रखे टेबुल व कुरसियों में कंपन होने लगा. इस समय दोपहर के 12 बज कर 47 मिनट हो रहे थे. फिर यहां से अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकल प्रसव वार्ड की ओर पहुंचा तो डॉ नूर फातिमा को देखा कि वह प्रसव वार्ड में भरती मरीजों को नहीं घबराने और यहां से बाहर खुले में जाने को कह रही थी. प्रसव वार्ड के समीप चबूतरे सहित जमीन पर यहां भरती महिला एवं उनके परिजनों की भीड़ जमा थी.
सभी लोगों इस भूकंप के बारे में तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे थे. सभी के चेहरे बदहवास थे. इधर, भूकंप आने के तुरंत बाद सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शैलेंद्र कुमार एवं प्रबंधक अनुराग कुमार सिन्हा वार्डो में भरती मरीजों की स्थिति का जायजा लेते देखे गये.
