एनएच 31 पर धमौली के पास गुरुवार की संध्या में धमौली गांव के पास 17 मीटरिक टन एलपीजी गैस से भरी टैंक लॉरी के पलट जाने और उसमें से गैस का रिसाव शुरू हो जाने से जिलेवासियों खासकर घटनास्थल के आस पास के लोगों की जान सांसत में थी. एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों का आवागमन बंद कर उनका रूट चेंज कर दिया था. करीब 20 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद गैस से भरी टैंक लॉरी को खाली करा दिया गया.
बिहारशरीफ : बिहार-झारखंड की लाइफ लाइन एनएच 31 पर गुरुवार की संध्या धमौली गांव के पास एलपीजी गैस से भरी टैंक लॉरी पलट गयी थी. इस टैंक लॉरी में 17 मीटरिक टन एलपीजी गैस भरी हुई थी. यह हादसा उस समय हुआ, जब गिट्टी से लदे एक ट्रक के ड्राइवर द्वारा चकमा दिया गया. टैंक लॉरी के ड्राइवर के संतुलन खो देने से टैंक लॉरी धमौली गांव के पास बीच सड़क पर ही पलट गयी. इस हादसे में लॉक टूट जाने के कारण टैंक लॉरी से गैस का रिसाव शुरू हो गया था. पश्चिम बंगाल के हल्दिया से एलपीजी गैस लेकर टैंक लॉरी मुजफ्फरपुर जा रही थी.
क्विक रिपॉन्स की दो टीमें बुलायी गयी थी:जिला प्रशासन ने इस घटना की सूचना बरौनी रिफाइनरी के प्रबंधक को दी थी. इस सूचना के बाद बीपीसीएल फतुहां एवं आरओसी आरा से दो क्विक रिपॉन्स टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया था. क्विक रिपॉन्स टीम गुरुवार की रात में धमौली पहुंच कर गैस रिसाव पर काबू पाने के प्रयास में जुटी थी. मौके पर बिहारशरीफ के एसडीओ के नेतृत्व में पुलिस भी मौके पर डेरा डाले हुए थी.
वाहनों के आवागमन पर लगी थी रोक:
हादसे के बाद इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन एहतियात के तौर पर रोक दिया गया था. अतिव्यस्तम मार्गो में से एक होने के कारण इस पर चलने वाले वाहनों का रूट चेंज कर दिया गया था. बिहारशरीफ से बख्तियारपुर की ओर जाने वाली गाड़ियों को सालेहपुर मोड़ अथवा जैतीपुर मोड़ से हरनौत की ओर जाने दिया जा रहा था. जबकि हरनौत से बिहारशरीफ आने वाले वाहनों को एनएच 30 ए से होते हुए जैतीपुर मोड़ से चंडी होते हुए अथवा सालेहपुर मोड़ होते हुए जाने दिया जा रहा था. इसके कारण बिहारशरीफ से हरनौत की दूरी 25 किलोमीटर से बढ़ कर 50 किलोमीटर के करीब हो गयी थी.
मंगायी गयी तीन अन्य टैंक लॉरी:बीच सड़क पर पलटी टैंक लॉरी को खाली कराने के लिए तीन दूसरी टैंक लॉरी मंगायी गयी. शुक्रवार को आयी तीन टैंक लॉरियों में पलटी टैंक लॉरी की एलपीजी गैस पलटी की गयी. दो टैंक लॉरी में 6-6 मीटरिक टन एवं एक अन्य टैंक लॉरी में पांच मीटरिक टन गैस पलट कर उसे खाली किया गया. पलटी टैंक लॉरी को खड़ी करने के लिए दो क्रेन भी मंगायी गयी. इन दोनों क्रेनों के सहारे पलटी टैंक लॉरी को सीधा खड़ा किया गया. इसके बाद इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है.
आग पकड़ने पर चार किलोमीटर के दायरे को क्षति:लोग इस बात से परेशान थे कि कहीं पलटी टैंक लॉरी से हो रहे रिसाव से आग न पकड़ ले. टैंक लॉरी में इतनी मात्र में एलपीजी गैस भरी थी कि आग लगने पर आस पास के चार किलोमीटर क्षेत्र को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता. इसी बात को लेकर जिलेवासियों की जान सांसत में थी. प्रशासनिक महकमे की सूझ-बूझ की वजह से इस स्थिति पर काबू पाया जा सका.
