कन्या उच्च विद्यालय सोहसराय में शुरू नहीं हुआ इंटर में नामांकन

विद्यालय में जरूरी सुविधाओं की भी किल्लत विद्यालय में भवन व शिक्षक का भारी अभाव प्राचार्य की कुरसी खाली रहने से हो रही समस्या बिहारशरीफ. शहर की छात्रओं के प्रमुख विद्यालय राजकीयकृत कन्या उच्च विद्यालय सोहसराय में अब तक इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू नहीं होने से छात्रओं में काफी मायूसी देखी जा रही है. विद्यालय […]

विद्यालय में जरूरी सुविधाओं की भी किल्लत
विद्यालय में भवन व शिक्षक का भारी अभाव
प्राचार्य की कुरसी खाली रहने से हो रही समस्या
बिहारशरीफ. शहर की छात्रओं के प्रमुख विद्यालय राजकीयकृत कन्या उच्च विद्यालय सोहसराय में अब तक इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू नहीं होने से छात्रओं में काफी मायूसी देखी जा रही है. विद्यालय को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए न तो भवन उपलब्ध कराये गये है और ना शिक्षक. ऐसे में विद्यालय में ऊहापोह की स्थिति कायम है.
विद्यालय की छात्र ममता कुमारी का कहना है कि यहां इंटरमीडिएट की पढ़ाई की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण हर वर्ष विद्यालय की सैंकड़ों छात्रओं को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए इधर – उधर भटकना पड़ता है. उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र की छात्रएं पढ़ती हैं. ऐसे में यहां इंटरमीडिएट की पढ़ाई अविलंब शुरू की जानी चाहिए, ताकि विद्यालय की छात्रओं को इंटरमीडिएट की पढ़ाई से वंचित होना नहीं पड़े.
प्रधानाचार्य की कुरसी खाली रहने से समस्या
विद्यालय के प्राचार्य रफत नेशात के 31 मार्च 2015 को सेवानिवृत्ति के बाद से विद्यालय के प्राचार्य की कुरसी खाली है. हालांकि विभाग द्वारा विद्यालय की शिक्षिका तलत क्यूम को प्रभारी प्राचार्य का पद दिया गया था, लेकिन वह अपनी अस्वस्थता का कारण बता कर प्रभारी का पद लेने से मना कर चुकी हैं. इसके बाद विद्यालय की वरीय शिक्षिका सुषमा कुमारी को प्राचार्य का पद सौंपा गया है, लेकिन उनके भी मैट्रिक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे होने के कारण यहां प्राचार्य का पद लगभग तीन सप्ताह से खाली है. वर्तमान में विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया शुरू रहने के साथ अन्य शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
माध्यमिक कक्षाओं में शिक्षकों की भारी कमी
बालिकाओं के इस विद्यालय में वर्तमान में महज छह शिक्षक ही मौजूद है. इससे विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की घोर कमी है. विद्यालय में कई प्रमुख विषयों गणित,अंग्रेजी, संस्कृत आदि के शिक्षक नहीं रहने के कारण यहां नामांकित लगभग एक हजार छात्रओं की पढ़ाई बाधित हो रही है. विद्यालय की छात्रओं का कहना है कि शिक्षकों के अभाव के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए टय़ूशन तथा कोचिंग संस्थानों की शरण में जाना पड़ता है.
विद्यालय में है कमरों का अभाव:
विद्यालय के लगभग सात सौ छात्रओं की पढ़ाई के लिए यहां महज चार कमरे मौजूद हैं. विद्यालय के पुराने भवन के ध्वस्त हो जाने के कारण छात्रओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय का कार्यालय कक्ष भी जजर्र कमरे में संचालित है. प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित लड़कियों के कॉमन रूम भी मौजूद नहीं है. विद्यालय की कई छात्रओं ने बताया कि पेयजल, शौचालय तथा खेल का मैदान आदि का भी यहां घोर अभाव होने के कारण काफी कठिनाई हो रही है.
विद्यालय में मौजूद सुविधाएं
भवन -इंटरमीडिएट में नहीं, माध्यमिक में चार कमरे,बिजली -है,उपस्कर-पर्याप्त
खेल का मैदान -नहीं,चहारदीवारी-है,पेयजल-चापाकल तथा जलापूर्ति नल
शौचालय -अनुपयोगी,प्रयोगशाला-नहीं
पुस्तकालय-नहीं,शिक्षक-इंटरमीडिएट में नहीं, माध्यमिक में छह,छात्रएं-इंटरमीडिएट में नहीं, दशम में 354, नवम वर्ग में नामांकन जारी है

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