बिहारशरीफ : डीएम योगेंद्र सिंह ने मंगलवार को जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक की. इस बैठक डीएम ने कृषि से संबंधित, पशुपालन, जिला गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत रूप से समीक्षा की. समीक्षा के दौरान डीएम ने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को कई दिशा निर्देश भी दिये. कई के कार्यों की उपलब्धि संतोषजनक नहीं पायी गयी. डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों से शोकॉज किया है.
सात सीओ समेत कई कर्मियों को शोकॉज
बिहारशरीफ : डीएम योगेंद्र सिंह ने मंगलवार को जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक की. इस बैठक डीएम ने कृषि से संबंधित, पशुपालन, जिला गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत रूप से समीक्षा की. समीक्षा के दौरान डीएम ने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को कई दिशा निर्देश भी दिये. कई के कार्यों […]

साथ ही कार्यों में सुधार लाने का निर्देश देते हुए उपलब्धि बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि बैठक से जिला पशुपालन पदाधिकारी अनुपस्थित पाये गये. उनकी जगह पर उनके प्रतिनिधि मौजूद थे. बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी को ही उपस्थित रहने को कहा गया. जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के प्रतिनिधि उपस्थित थे. समीक्षा में पाया गया कि उनके द्वारा जन्म-मृत्यु प्रतिवेदन नहीं बताया गया.
राज्य में जिला का कौन सा स्थान है यह भी उनके द्वारा नहीं बताया गया.इस मामले में उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया . कृषि विज्ञान केंद्र का कोई भी वैज्ञानिक उपस्थित नहीं हुए . इस पर उनसे भी जवाब तलब किया गया. इसी तरह जिला गव्य विकास पदाधिकारी द्वारा दिये गये प्रतिवेदन की समीक्षा में पाया गया कि प्रगति काफी खराब है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा
डीएम योगेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति की भी समीक्षा की. समीक्षा में पाया गया कि चौरिया, परोहा, अस्थावां, सरबहदी, डियावां, पाकर, महमदपुर, मेयार, इसुआ, डोइया एवं नरसंडा पंचायत के कृषि समन्वयकों द्वारा 60 प्रतिशत से कम आवेदन पत्रों का सत्यापन किया गया है
. पूर्व में भी उपरोक्त पंचायत के कृषि समन्वयकों से शोकॉज किया गया था. पुन: स्पष्टीकरण पूछा गया है. इसी प्रकार एकंगरसराय, परबलपुर, गिरियक, चंडी, इस्लामपुर, थरथरी एवं कतरीसराय के अंचलाधिकारियों द्वारा भी 60 प्रतिशत से कम आवेदन पत्रों का सत्यापन किया गया.
इसके बाद पुन: स्पष्टीकरण पूछा गया. उपस्थित सभी विभागीय पदाधिकारियों की समीक्षा की गयी. मौके पर सहायक निदेशक, उद्यान, पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, विद्युत, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई विभाग आदि उपस्थित थे.