गिरियक (नालंदा). गिरियक प्रखंड के काशोचक गांव में बुधवार को लगभग 12:30 बजे दिन में गेहूं की फसल में आग लगने से लाखों रुपये क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है.
किसानों का अनुमान है कि आग लगने का कारण विद्युत के शॉट-सर्किट से होना बताया जाता है. किसानों का कहना है कि 440 वोल्ट का तार काफी पुराना व लुंज पुंज होना मुख्य कारण माना जा रहा है.
लोगों का कहना है कि जब काशोचक खंधा में गेहूं के खेत से आग की लपटें उठने लगी, तब जुनेदी, हाफीचक, ठाकुर बीघा, दरियासराय के क्या महिला,क्या पुरुष यहां तक कि बच्चे भी जिनको जो बर्तन हाथ लगा पानी लेकर आगलगी स्थान पर पहुंच कर आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे.
बड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया. लेकिन तब तक गेहूं जल कर राख हो चुका था. जिन किसानों का गेहूं जला उनमें भासो चौधरी का एक बीघा, राम सागर यादव का 14 कट्ठा ,सुजीत यादव का 4:30 बीघे, गाजो महतो का तीन बीघे, छोटी चौधरी का एक बीघे, टिंकू यादव का 10 कट्ठा , प्रीति चौधरी का 1:30 बीघे, लोका महतो का दो बीघे, चंदेश्वर प्रसाद का डेढ़ बीघे, जगदीश प्रसाद का 16 का 16 कट्ठा ,श्री चौधरी का एक बीघा, नीतीश कुमार का दो बीघा, शशी महतो का एक बीघा,राजेश कुमार का डेढ़ बीघा ,नागेश्वर चौधरी का एक बीघा चार कट्ठा के अलावा अन्य लोगों का भी गेहूं जलने का समाचार है.
लोगों ने बताया कि गेहूं की खड़ी फसल लगभग तैयार हो चुका था और पछुआ हवा चलने के कारण आग की लपटें इतनी तेज हो गयी कि बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका. इस अगलगी में हुए क्षति के मुआवजा के लिए प्रखंड अधिकारियों को सूचना दे दी गयी है.
