बिहारशरीफ : मंगलवार की अहले सुबह जिलावासियों की नींद बादलों की तेज गर्जना के साथ खुली. तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू होने से लोग परेशान दिखे. खासकर मौसम का यह मिजाज देखकर किसानों के दिल की धड़कनें तेज होने लगीं. लगभग तैयार हो चुकी रबी की फसल खेतों में पड़ी हुई है.
कुछ फसलों को काटकर खलिहानों में इकट्ठा किया गया है. इन फसलों को नुकसान होने की आशंका से किसान परेशान दिखे. थोड़ी देर की बूंदाबांदी के बाद बारिश रुक जाने से किसानों के दिल को चैन मिला, लेकिन तेज हवा के कारण कई जगहों से फसल के गिरने से नुकसान होने की सूचना मिल रही है.
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जिले में केवल 1.2 एमएम बारिश हुई है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तकनीकी सहायक धनंजय कुमार ने बताया कि इससे फसल को कोई विशेष क्षति नहीं पहुंची है. सब्जी, प्याज आदि फसलों को इससे फायदा हुआ है.
राजगीर : मंगलवार की अहले सुबह अचानक आंधी-पानी के साथ ओलावृष्टि से दलहन एवं तेलहनी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. किसानों ने कहा कि बारिश के कारण खलिहान में रखी फसल तो खराब होगी ही, खेतों में खड़ी फसल को भी काफी क्षति पहुंची है. वहीं, प्याज व गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
किसानों ने बताया कि प्याज की फसल के लिए वर्षा का पानी विष के समान होता है व अनेक प्रकार के रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही प्याज के खेतों में पानी जमा हो जाने से फसल के बर्बाद होने की संभावना प्रबल रहती है.
अस्थावां : मंगलवार को आयी तेज आंधी-तूफान से चना, मसूर, गेहूं की फसल को क्षति पहुंची है. किसानों ने बताया कि आंधी-पानी से गेहूं की फसल गिर गयी है. किसान रवींद्र पासवान ने बताया कि गेहूं की खड़ी फसल को कम व जो गिर गयी है, उसे ज्यादा नुकसान है. उन्होंने कहा कि गोबरबीघा गांव के खेत में मसूर की फसल लगी है, जो बारिश के कारण जमीन में सट गयी है.
उसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है. किसान जगदेव यादव ने बताया कि गेहूं के साथ मक्के की फसल को क्षति पहुंची है. उन्होंने बताया कि आम के छोटे-छोटे पौधे भी गिर गये हैं. इसके अलावा मंजर व टिकोलों को नुकसान पहुंचा है.
बेन
मंगलवार की अहले सुबह से तेज हवा के साथ रुक-रुक कर हो रही बारिश से रबी फसलों को भारी क्षति पहुंची है. बेमौसम बारिश से खासकर सरसों, चना, मसूर, मटर, खेसारी आदि रबी फसलों की उपज में कमी आयेगी. ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गयी है.
