एक फरवरी, 2001 को आरोपितों ने दिया था घटना को अंजाम
आठ अगस्त को सुनायी जायेगी सजा
बिहारशरीफ : जिला न्यायालय में प्रथम त्वरित न्यायाधीश रामप्रताप अस्थाना ने साक्ष्य सही पाते हुए हत्या के एक आरोपित अरुण सिंह को दोषी करार दिया. इस मामले के अन्य दो आरोपित मदन सिंह व मीना देवी को साक्ष्य के अभाव में आरोपमुक्त कर दिया. सजा आठ अगस्त को सुनायी जायेगी. इस मामले के अन्य दो आरोपि दया सिंह व उषा देवी की विचारण के दौरान ही मृत्यु हो गयी थी. सभी आरोपित व मृतक जयराम सिंह दीपनगर थाना क्षेत्र के बेरौटी गांव के हैं. मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी अजय कुमार रस्तोगी व संजय कुमार अधिवक्ता ने बहस व साक्षियों का परीक्षण किया था. इस मामले में चार साक्षियों का परीक्षण किया गया था. मृतक के पुत्र सत्येंद्र सिंह के फर्द बयान पर दीपनगर थाना के तहत आरोप दर्ज किया गया था,
जिसके अनुसार पूर्व के मुकदमा विवाद में दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी चल रही थी. एक फरवरी 2001 को मृतक घर से बिहारशरीफ जाने के लिए निकला. जैसे घर से पश्चिम की ओर वह कुछ दूर गया वैसे ही आरोपितों ने घेर लिया और फायरिंग की. इससे वह गिर गया. इसके बाद आरोपित कुदाल, कत्ता आदि से मार कर जख्मी कर दिया. पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी.
