बिहारशरीफ : बदमाशों द्वारा बख्तियारपुर थाने के माधोपुर गांव निवासी राजा राम प्रसाद के करीब 32 वर्षीय पुत्र व बोलेरो चालक शिवनाथ यादव के वाहन लूटने के बाद उसकी हत्या कर शव को फेंके जाने की सूचना मिली है. नूरसराय थाना पुलिस ने मृतक चालक का शव क्षेत्र के ककड़िया मोड़ के समीप एक गड्ढे […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : बदमाशों द्वारा बख्तियारपुर थाने के माधोपुर गांव निवासी राजा राम प्रसाद के करीब 32 वर्षीय पुत्र व बोलेरो चालक शिवनाथ यादव के वाहन लूटने के बाद उसकी हत्या कर शव को फेंके जाने की सूचना मिली है. नूरसराय थाना पुलिस ने मृतक चालक का शव क्षेत्र के ककड़िया मोड़ के समीप एक गड्ढे से रविवार की सुबह बरामद किया.
सदर अस्पताल में मृतक के भतीजा कारू कुमार ने बताया कि मृतक अपने बोलेरो वाहन से शनिवार की रात्रि बख्तियारपुर स्टेशन से कुछ यात्रियों को लेकर बिहारशरीफ निकला था. इसके बाद मृतक का बोलेरो वाहन का कोई अता पता नहीं है. परिजनों ने आशंका जतायी है कि बोलेरो लूटने के बाद बदमाशों ने मृतक की हत्या गला दबाकर कर दी है. इधर, नूरसराय थाना पुलिस ने सुबह शव फेंके जाने की सूचना पाकर ककड़िया मोड़ के पास पहुंची और उसे कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा. इधर, नूरसराय थानाध्यक्ष सुनील कुमार निर्झर ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है.
मृतक की पत्नी पर टूटा दु:खों का पहाड़ : मृतक चालक ने कुछ साल पहले खुद के रुपये से बोलेरो वाहन खरीदा था. मृतक इसी वाहन को भाड़े पर चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था. मृतक को तीन पुत्र एवं एक पुत्री हैं. सभी की उम्र छह साल से लेकर दस साल के बीच है. ऐसे में मृतक ही अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था. मृतक अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था.
शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम : शव के माधोपुर पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. मृतक की पत्नी शव से लिपट कर दहाड़ मारकर रो रही थी. छोटे- छोटे अबोध बच्चों के आंखों से भी आंसू निकल रहे थे. परिवार एवं पड़ोस की महिलाएं सांत्वना एवं ढाढ़स बंधा रहे थे. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था. हर कोई यही कह रहा था कि किसी को सपने में भी ऐसे अनहोनी का अंदेशा नहीं था.
हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती
मृतक के शरीर पर कहीं कोई चोट के निशान नहीं पाये गये हैं. किसी धारदार हथियार से वार के चिह्न भी नहीं मिले हैं. ऐसे में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि मृतक के गले में गमछे डालकर उसकी हत्या की गयी है. परिजनों के अनुसार मृतक के गले के पास पहले से ही हल्के कटे के निशान पुराने थे. हालांकि बिहारशरीफ के कुछ बदमाश टाइप के युवकों द्वारा यात्री बनकर बोलेरो को भाड़ा पर लेकर बिहारशरीफ आने की बात सामने आयी है. इसमें से एक युवक खुद को बिहारशरीफ का डॉन बता रहा था. फिलहाल इस हत्या की गुत्थी सुलझाना नालंदा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना है.
घर से सब्जी लाने को कहकर निकला था मृतक
मृतक के भतीजा कारू कुमार ने बताया कि उनके चाचा शिवनाथ बीती रात्रि करीब आठ बजे अपने घर में सब्जी लाने की बात कहकर बख्तियारपुर स्टैंड निकले थे. इसी दौरान बख्तियारपुर स्टेशन पर एक ट्रेन पहुंची. ट्रेन से उतरे कुछ यात्री बिहारशरीफ जाने की बात कहकर मेरे चाचा के बोलेरो पर सवार होकर निकले थे. रात्रि में हमलोगों ने इधर-उधर काफी खोजबीन की. स्टैंड में मेरे चाचा का बोलेरो भी नहीं मिला. तत्पश्चात, चाचा के साथियों से मालूम हुआ कि वह कुछ यात्रियों को लेकर अपने बोलेरो से बिहारशरीफ गये हैं.