बिहारशरीफ : नाबालिग छात्रा दुष्कर्म मामले में पाक्सो स्पेशल सह एडीजे प्रथम शशिभूषण प्रसाद सिंह के कोर्ट में आरोपित नवादा के विधायक राजबल्लभ के पक्ष से सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बहस की. उन्होंने बहस के दौरान नोडल अफसर द्वारा कोर्ट में कॉल तथा मोबाइल से संबंधित सौंपे गये साक्ष्यों पर बहस की.
इसमें उन्होंने कहा कि मैंने प्रतिपरीक्षण के दौरान कई सवाल किये थे. सबसे बड़ा सवाल यह है कि नोडल अफसर ने सारे डिटेल और साक्ष्य अपने कंप्यूटर से निकाल कर कोर्ट को सौंपा, जबकि रिपोर्ट मेन सर्वर का देना चाहिए. इवीडेंस एक्ट की धारा 65 के अनुसार सेकेंट कंप्यूटर का नहीं दे सकते हैं. कॉल डिटेल रिकार्ड नोडल अफसर में रिकार्ड में नहीं बल्कि सर्वर के कंप्यूटर में स्टोर रहता है. इस प्रकार के संबंधित कई मामलों में दिये गये कोर्ट के फैसलों को भी प्रस्तुत किया. इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट और इसके इवीडेंस से संबंधित बहस के दौरान कार्य सर्वर और सॉफ्टवेयर से संबंधित कई व्याख्यान प्रस्तुत किये. बहस में अधिवक्ता वीरेन कुमार, कमलेश कुमार, दीपक रस्तोगी, वीरमणी कुमार ने भी भाग लिया.
