कीड़ों से मिलेगा छुटकारा बचेगा दवा का खर्च

बिहाशरीफ : जैविक कॉरीडोर में शामिल गांवों के किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत द्वारा लाइट ट्रैप (प्रकाश का फंदा) दिया जा रहा है. यह लाइट ट्रैप सोहडीह, कखड़ा, गोखुलपुर, प्रेमन बिगहा के किसानों को दिये गये हैं. कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत द्वारा किसानों को प्रकाश का फंदा नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है. किसानों की […]

बिहाशरीफ : जैविक कॉरीडोर में शामिल गांवों के किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत द्वारा लाइट ट्रैप (प्रकाश का फंदा) दिया जा रहा है. यह लाइट ट्रैप सोहडीह, कखड़ा, गोखुलपुर, प्रेमन बिगहा के किसानों को दिये गये हैं. कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत द्वारा किसानों को प्रकाश का फंदा नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है.
किसानों की खेत में लगी फसलों में कीटों के कारण होनेवाले नुकसान पर रोक लगेगी. प्रकाश के इस फंदे में है लोजीन लाइट लगे होते हैं. शाम ढलते ही किसान इस प्रकाश के फंदे को खेतों में जलायेंगे. इसमें लगे है लोजीन लाइट की रोशनी जहां तक जायेगी. वह कीटों को अपनी ओर आकर्षित करता है. लाइट से आकर्षित हो कीड़े उड़ते उड़ते चले आते हैं और फंदे में फंस जाते हैं. किसानों को इस प्रकाश के फंदे को खेत में रात के नौ बजे तक जलाने का निर्देश दिया गया है.
कीट प्रबंधन का बेहतर तरीका : लाइट ट्रैप रात में विचरण करनेवाले व फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों के नियंत्रण में काफी मददगार होता है. इस लाइट ट्रैप की कीमत अधिक होने के कारण किसान इसका उपयोग नहीं कर पाते थे. बाजार में लाइट ट्रैप सात सौ से लेकर 1200 तक में मिलता है. फसल को कीड़ों से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं पर काफी खर्च करना पड़ता था. लाइट ट्रैप के इस्तेमाल से किसानों को कीटनाशक दवाओं पर होने वाले खर्च की बचत होगी. जहरीली दवाइयां कीटों को तो मार देती है, लेकिन इससे फसलों और दवा का छिड़काव करने वाले किसानों को नुकसान का खतरा बना रहता है. कई बार किसानों की मौत भी इन दवाओं से हो चुकी है.
कम लागत में अधिक फायदा : कृषि विज्ञान केंद्र हरनौत के पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ एनके सिंह के अनुसार लाइट ट्रैप कीट प्रबंधन के लिए एक बेहतरीन माध्यम है. फसल के लिए हानिकारक कीड़े मकोड़े इस लाइट ट्रैप में फंस कर नष्ट हो जाते हैं. इसके कारण लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा कीटों का प्रबंधन हो जाता है. किसानों को कीट प्रबंधन के लिए कीटनाशक दवाओं पर होने वाले खर्च से मुक्ति मिल जाती है. उन्होंने बताया कि जिले के सोहडीह, कखड़ा, गोखुलपुर, प्रेमन बिगहा के किसानों को लाइट ट्रैप दिये गये हैं. बाद में अन्य गांवों के किसानों को भी यह लाइट ट्रैप उपलब्ध कराया जायेगा.
क्या है लाइट ट्रैप
इसमें लोजीन लाइट लगी होती है, जिसे खेत में जलाने के बाद कीट-पतंग आकर्षित होते हैं. वे जैसे कही इसके पास आते हैं फंदे में फंस जाते हैं. इससे फसल नुकसान करनेवाले कीड़ों का अंत हो जाता है. इस लाइट को खेत में रात नौ बजे के बाद जलाने की सलाह दी गयी है.

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