मलमास मेले की जमीन की गलत जमाबंदी का मामला
बिहारशरीफ : राजगीर मलमास मेले की विवादित जमीन की गलत जमाबंदी के मामले में तीन तत्कालीन पदाधिकारियों समेत एक अन्य पर कार्रवाई की गयी है़ नगर आयुक्त सौरभ कुमार जोरेबाल ने बताया कि तकरीबन अठारह साल पहले उक्त मेला की जमीन की गलत जमाबंदी के बारे में आरटीआई कार्यकर्ता पुरुषोतम कुमार ने शिकायत दर्ज करायी थी.
इस आलोक में जांच के बाद शिकायत सही पाया गया. तत्पश्चात, प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर के निर्देश पर राजगीर के डीसीएलआर प्रभात कुमार ने तत्कालीन डीसीएलआर आनंद मोहन ठाकुर, तात्कालीन सीओ अनिल कुमार व एक अन्य पदाधिकारी समेत शिवनंदन प्रसाद पर राजगीर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. राजगीर संवाददाता के अनुसार, मलमास मेला शुरू होने से पहले मेला सैरात भूमि पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर से गरमा गया है. मेला शुरू होने में एक माह शेष हैं.
इसकी तैयारी जोरों से चल रही है. वहीं, प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने मेला सैरात की भूमि पर अतिक्रमण कर मकान ,होटल, धर्मशाला समेत अन्य प्रतिष्ठान बनानेवालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है. राजगीर के डीसीएलएआर प्रभात कुमार ने कहा कि प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश की कॉपी थाने को दे दी गयी है. एक सप्ताह पहले सैरातभूमि के एक प्लॉट से अतिक्रमण हटाया गया था.
इसके बाद रातों-रात फिर से अतिक्रमण का प्रयास
किया जा रहा था, जिसे प्रशासन ने नाकाम कर दिया. इस मामले में नगर उपाध्यक्ष पिंकी देवी के पति अशोक कुमार राय को गिरफ्तार भी
किया गया था.
मेला लगाने के लिए सरकारी दस्तावेज में 73 एकड़ तीन डिसमिल जमीन रजिस्टर्ड है, जिस पर वर्षों से मेला लगता है. आधी जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है.
प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर हुए सीमांकन के बाद मामला सामने आया है. अतिक्रमित जमीन का कुल रकवा 73 एकड़, तीन डिसमिल, सरकारी अतिक्रमण, 32 एकड़ 72 डिसमिल, निजी अतिक्रमण 3 एकड़ 3512 डिसमिल, सड़क निर्माण तीन एकड़ 07 डिसमिल, गैर सरकारी व परती भूमि एक एकड़ 5075 डिसमिल है.
