पैर फिसल जाने से गड्ढे में गिर गया था बालक
बेन (नालंदा) : बेन बाजार में भवन निर्माण के खोदे गये पिलर के गड्ढे में मंगलवार को तीन वर्षीय एक बालक मो अजमल के गिर जाने से एकबारगी अफरातफरी मच गयी. हल्ला सुनकर ग्रामीण मौके पर जुटे और घटना की जानकारी स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को दी गयी. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बालक को इस गड्ढे से सकुशल बाहर निकाला गया. बताया जाता है कि बेन बाजार निवासी मो एकराम अपने पुराने मकान को तोड़कर नया मकान बना रहे थे. भवन निर्माण के लिए पिलर का गड्ढा खोदा गया था. वहां हो रहे काम को देखने के लिए मो एकराम की मां गयी थी. दादी के पीछे-पीछे मो एकराम का तीन वर्षीय पुत्र अजमल भी चला गया था.
दादी नूरजहां वह काम कर रहे मिस्त्री व मजदूरों से बात करने में लगी थी, और पोता मो अजमल खोदे गये गड्ढे के पास से गुजर रहा था. इस दौरान पैर फिसल जाने से बालक मो अजमल दल फुट के गड्ढे में गिर गया. आवाज सुनकर दादी जब पीछे मुड़कर देखी तो पोते को लापता पाया. पास के गड्ढे में झांकने पर बच्चे के रोने की आवाज आयी. उसके द्वारा शोर मचाये जाने पर ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां जुटे और घटना की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गयी. सूचना मिलने पर बेन पीएचसी के प्रभारी डॉ सतीश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची और 10 फुट के गड्ढे में गिरे बच्चों को बचाने के प्रयास में जुट गयी. गड्ढे में पाइप के सहारे ऑक्सीजन के अलावा टेबल फैन से हवा दी जाने लगी. डोजर मशीन से गड्ढे के बगल में दूसरा गड्ढा खोदा गया और बच्चे का हाथ पकड़कर बाहर निकाला गया. घटना मंगलवार की अपराह्न सवा तीन बजे की है. करीब पौने पांच बजे गड्ढे से बालक को सकुशल बाहर निकाला गया.
स्नान कराकर बच्चे की हुई मेडिकल जांच : सकुशल गड्ढे से बाहर निकालने के बाद बच्चे का शरीर कीचड़ से लथपथ हो गया था. स्नान कराकर मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने बच्चे के स्वास्थ्य की जांच की. स्वास्थ्य जांच करने वाले डॉ सतीश कुमार सिन्हा ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ और खतरे से बाहर है.
गांव वालों ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल : इस हादसे के बाद गांव वालों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए अपने मनमुटाव को परे रखते हुए गड्ढे में गिरे तीन वर्षीय बच्चे मो अजमल को बचाने के प्रयास में जुटे रहे. बच्चे के सकुशल गड्ढे से बाहर निकलने के बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली.
घटना के बाद बेहोश हो गयी थी अजमल की मां : घटना की सूचना मिलते ही मो एकराम के परिवार में मातम पसर गया. मो एकराम व उनकी पत्नी शबनम को गहरा सदमा लगा था. वह बेहोश हो गयी थी. गांव की महिलाओं ने उसे संभाला. शबनम बताती है बेटे के बचने की उम्मीद नहीं थी. बेटे के सकुशल गड्ढे से बाहर निकलने से दिल को सुकून मिला है. इसके लिए अल्लाह के साथ-साथ गांव वालों को शुक्रिया.
