बिहारशरीफ : जिले के कई प्रखंडों के कुछ एरिया को काटकर नगर पंचायत बनाये जाने की योजना है. नगर पंचायत बनाये जाने की पहल किये जाने से ग्रामीणों में आस जगी थी कि नगरीय सुविधाएं मिलेंगी. अब तक नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिलने से लोगों में गुस्सा व नाराजगी भी है. जिले के हरनौत, रहुई व गिरियक को नगर पंचायत बनाने की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अभी तक दर्जा नहीं मिल पाया है.
पिछले साल 2017 में ही आबादी के अनुसार क्षेत्र का सीमांकन कर नगर विकास विभाग को भेज दिया गया था, लेकिन उक्त तीनों को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिये ठोस पहल नहीं की जा रही है. यही कारण है कि मामला पेंडिंग में है. प्रस्ताव हरनौत नगर पंचायत के लिये सीमांकन के लेकर मामला कोर्ट में चले जाने के कारण मामला फंस गया है. हरनौत नगर पंचायत का गजट से लेकर सभी तरह की आपत्तियों का निबटारा कर लिया गया था. यहां तक की नगर पंचायत के नक्शे को भी प्रकाशित कर दिया गया था.
सीमांकन के अनुसार हरनौत नरगर पंचायत को 19 वार्ड में बांटा गया है. हरनौत नगर पंचायत क्षेत्र की कुल आबादी करीब 40 हजार पर तय की गयी थी विधि के अनुसार सभी कार्य जुलाई 2017 में फाइनल कर दिया गया था. बस चुनाव होना ही शेष था. इसी प्रकार गिरियक नगर पंचायत के लिये सीमा क्षेत्र को लेकर ग्रामीणों के द्वारा आपत्ति की गयी है. इसकी सही जांच नहीं पायी है. रहुई नगर पंचायत का मामला भी अधर में है. नगर पंचायत बनाये जाने का आधार 2011 की जनगणना को बनाया गया है. उस समय की आबादी के अनुसार नगर पंचायत बनाये जाने का प्रस्ताव है. 35 से 40 हजार की आबादी के अनुसार नगर पंचायत बनाये जाने का नियम है. उसी अनुसार वार्ड का निर्धारण किया जाना है. इसमें 1200 से लेकर 2100 तक एक वार्ड की आबादी होगी. नगर पंचायत बनने से इसके अधीन आने वाले लोगों को बेहतर नगरीय सुविधाएं मिलने लगेंगी. वरीय डिप्टी कलेक्टर रामबाबू ने बताया कि हरनौत का मामला कोर्ट में चल रहा है. गिरियक के लोगों ने सीमांकन पर आपत्ति कर दी है. इसकी जांच रिपोर्ट आना शेष है.
