एकंगरसराय (नालंदा) : ऐतिहासिक धार्मिक स्थल सूर्यनगरी औंगारीधाम समेत तेल्हाड़ा, पिरोजा, धुरगांव, अमनार, ओप, उसमानपुर, धनगांवा सूर्यमंदिर तालाबों में गुरुवार को छठव्रतियों ने स्नान कर खरना (लोहंडा)का प्रसाद बनाया और भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया. अपने इष्ट मित्रों को भी ग्रहण कराया. छठव्रतियों ने मिट्टी का चूल्हा पर मिट्टी या पीतल के बर्तन में अरवा चावल, मीठा का रशिया या अरवा चावल व चने का दाल एवं गेहूं आटा के पूड़ी समेत कई प्रकार की सामग्री का प्रसाद को आम, राहड़ के जलावन, ईख की खोहिया से बनाया.
छठव्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया, पहला अर्घ आज
एकंगरसराय (नालंदा) : ऐतिहासिक धार्मिक स्थल सूर्यनगरी औंगारीधाम समेत तेल्हाड़ा, पिरोजा, धुरगांव, अमनार, ओप, उसमानपुर, धनगांवा सूर्यमंदिर तालाबों में गुरुवार को छठव्रतियों ने स्नान कर खरना (लोहंडा)का प्रसाद बनाया और भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया. अपने इष्ट मित्रों को भी ग्रहण कराया. छठव्रतियों ने मिट्टी का चूल्हा पर मिट्टी या पीतल के […]

पूजा सामग्री समेत अन्य चीजों की सजीं दुकानें : औंगारी धाम समेत एकंगरसराय, तेल्हाड़ा बाजारों में अस्थायी दुकान लगाने की होड़ मची है. औंगारी धाम सूर्यमंदिर तालाब के चारों तरफ सड़क किनारे नारियल, फल, सुप खांचे, मिठाई, चाट, मनिहारी, किराना समेत पूजन सामग्री आदि की अस्थायी दुकाने सज गयी है. राज्य समेत अन्य पड़ोसी राज्यों से छठव्रर्ती भगवान भास्कर को अर्घ देने औंगारी धाम आये हैं. लोग तंबू गाड़ कर व प्लास्टिक तानकर डेरा डाल दिये हैं. वहीं, छठव्रतियों व श्रद्धालुओं की सेवा प्रदान करने में ग्रामीण लगे हुए हैं. लाल सिंह त्यागी ग्रामीण महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने बताया कॉलेज के प्रांगण में व्रतियों के ठहरने की व्यवस्था की गयी है.
छठ के गीतों से गूंजे शहर व गांव
‘दर्शन दिही जरूर, हे दीनानाथ…, बहंगी लचकत जाए’ , ‘सुगवा के मारबो धनुष से, केरा दिहले जुठीयाये’, ‘सुनली अरजिया हमार…’ जैसे छठी मईया के गीतों से शहर व गांव गुंजायमान हो रहा है. कुछ लोगों के द्वारा घाटों व रास्तों की साफ सफाई करने में तो कुछ लोग रास्ते मे रोशनी की व्यवस्था तो कहीं पेयजल की व्यवस्था करने में लोग लगे हुए हैं.