31199 एमटी धान की हुई खरीद, लक्ष्य कोसों दूर

1.5 लाख एमटी लक्ष्य, 31 मार्च तक ही खरीदा जायेगा धान बिहारशरीफ : पिछले कई वर्षों से धान खरीद में अव्वल रहनेवाला नालंदा जिला इस बार फिसड्डी साबित होने जा रहा है. धान खरीद की सुस्त रफ्तार के पीछे कारण जो भी हो, लेकिन एक माह में 80 फीसदी लक्ष्य को प्राप्त करना विभाग के […]

1.5 लाख एमटी लक्ष्य, 31 मार्च तक ही खरीदा जायेगा धान

बिहारशरीफ : पिछले कई वर्षों से धान खरीद में अव्वल रहनेवाला नालंदा जिला इस बार फिसड्डी साबित होने जा रहा है. धान खरीद की सुस्त रफ्तार के पीछे कारण जो भी हो, लेकिन एक माह में 80 फीसदी लक्ष्य को प्राप्त करना विभाग के लिए भी मुमकिन नजर नहीं आ रहा है. गौरतलब है कि जिले में धान खरीद का लक्ष्य पिछले वर्ष के बराबर 1.5 लाख एमटी ही रखा गया है, जबकि वित्त वर्ष 2017-18 में जिले में धान की उपज भी अच्छी हुई है. किसान भी अपनी उपज को बेचने के लिए तत्पर नजर आते हैं, लेकिन न तो पैक्स अध्यक्ष और न व्यापार मंडल के अध्यक्ष इस दिशा में उत्सुक नजर आ रहे हैं. पैक्सों तथा व्यापार मंडलों की अपनी समस्याएं भी हैं.
विभाग ने अब तक इसका निरकारण नहीं किया है. जिले की 249 पैक्सों में से 41 के पास नालंदा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के करोड़ों रुपये बकाया रहने के कारण उन्हें डिफॉल्टर घोषित किया गया है. इधर, पैक्सों के करोड़ों रुपये एसएफसी के पास फंसे हैं जो कि कम गुणवत्ता वाले चावल की आपूर्ति किये जाने को लेकर भुगतान नहीं किया जा रहा है.
अबतक जिले की कुल 205 पैक्स द्वारा मात्र 31199 एमटी धान की ही खरीद की जा चुकी है. नियमानुसार जिले में धान बिक्रय करनेवाले किसानों का डाटाबेस बनाया जाना था तथा इन्हीं से धान की अधिप्राप्ति भी करनी थी. जैसे-तैसे 45494 किसानों के साथ-साथ 5487 नये किसानों का डाटाबेस बनाया जा सका. इनमें से भी मात्र 4873 किसानों से ही धान की खरीद की जा सकी है. उनमें एक मात्र रहुई प्रखंड में ही 505 किसानों से धान की खरीद हुई है. अन्य सभी प्रखंड 200 किसानों से भी धान नहीं खरीद सका है. इसी प्रकार एसएफसी को अबतक 5049 एमटी तैयार चावल की आपूर्ति की जा सकी है. यदि यही स्थिति रही तो निर्धारित तिथि तक लक्ष्य का 50 फीसदी धान की खरीद भी मुश्किल है.
राज्य खाद्य निगम ने रोकी पैक्स की राशि : धान खरीद के महीनों बाद एसएफसी द्वारा जिले की 100 से अधिक पैक्स द्वारा आपूर्ति की गयी चावल पर आपत्ति जताकर उनका भुगतान रोक दी. काफी संघर्षों के बाद लगभग आधी पैक्स को राशि का भुगतान किया गया, जबकि 41 पैक्सों के लगभग 28 करोड़ रुपये अभी भी फंसे हुए हैं. इसके भुगतान के लिए जिले के पैक्स अध्यक्षों द्वारा अब तो आंदोलन भी शुरू कर दिया गया है. यदि जल्द कोई सुलह समझौता नहीं हुआ तो धान खरीद लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकेगा.
जिले की 249 पैक्स में से 205 द्वारा धान की खरीद का काम किया जा रहा है. विभाग धान की खरीदारी में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है.
डॉ अमजद हयात वर्क, जिला सहकारिता पदाधिकारी, नालंदा

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