बिहारशरीफ : होली में किसी तरह की इमरजेंसी से निबटने की मुकम्मल तैयारी जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गयी है. जिले के सरकारी अस्पतालों के अलावा भी जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. लोगों को सहज रूप से चिकित्सा सेवा का लाभ मिले इसके लिए जिला […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : होली में किसी तरह की इमरजेंसी से निबटने की मुकम्मल तैयारी जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गयी है. जिले के सरकारी अस्पतालों के अलावा भी जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. लोगों को सहज रूप से चिकित्सा सेवा का लाभ मिले इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो मेडिकल टीमों का गठन कर दिया गया है.
गठित टीमें एक मार्च से काम करनी शुरू कर देंगी. गठित टीमों में चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर पारा मेडिकल कर्मचारी शामिल किये गये हैं. डीएम के निर्देशानुसार दो मेडिकल टीमें अलग-अलग स्थानों पर काम करेंगी. जिला प्रशासन की ओर से जिला मुख्यालय में दो जगहों पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. इनमें जिला नियंत्रण कक्ष व लहेरी नियंत्रण कक्ष शामिल हैं.
तीन शिफ्टों में काम करेगा दल
मेडिकल टीम हर दिन तीन शिफ्टों में काम करेगी. पहली शिफ्ट सुबह आठ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक, दूसरा शिफ्ट दो बजे से लेकर रात आठ बजे तक और तीसरा शिफ्ट आठ बजे रात से लेकर सुबह आठ बजे तक का होगा. हर टीम में डॉक्टर से लेकर पारा मेडिकल स्टॉफ प्रतिनियुक्त किये गये हैं. नियंत्रण कक्षों में ड्यूटी करने के लिए रोस्टर चार्ट बनाया गया है. मेडिकल टीम आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं से लैस रहेगी. इस कार्य में किसी तरह की शिथिलता बरदाश्त नहीं की जायेगी. संबंधित पीएचसी,रेफरल, एडिशनल पीएचसी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि प्रतिनियुक्त डॉक्टरों व कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे.
सदर अस्पताल में भी एक दल रहेगा तैनात
साथ ही सदर अस्पताल में भी एक मेडिकल टीम तैनात रहेगी. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक व अस्पताल प्रबंधक को हिदायत दी गयी है कि यहां पर मेडिकल दल गठित कर तैनात रखेंगे. सदर अस्पताल के ओटी को भी चिकित्सीय उपकरणों से सुसज्जित रखने का निर्देश उपाधीक्षक को दिया गया है.
गठित मेडिकल टीमों में शामिल डॉक्टरों व कर्मियों को हिदायत दी गयी है कि रोस्टर के अनुसार आवंटित नियंत्रण कक्ष में ड्यूटी करेंगे. गठित टीमें एक से तीन मार्च तक काम करेंगी. टीमें चिकित्सीय उपकरणों से लैस होंगी.